नवजात की मौत के बाद पांच निजी अस्पताल सीज:टांडा में स्वास्थ्य विभाग ने 5 घंटे में की कार्रवाई, संचालकों पर केस दर्ज


रामपुर जिले के टांडा क्षेत्र में एक नवजात बच्चे की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है। विभाग ने पांच घंटे के भीतर पांच निजी अस्पतालों को सीज कर उनके संचालकों के खिलाफ टांडा थाना प्रभारी संजय मिश्रा को तहरीर दी है। इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। यह घटना गुरुवार शाम की है, जब अयूब ने अपनी गर्भवती पत्नी मेहनाज को टांडा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। शुक्रवार सुबह प्रसव के बाद नवजात बच्चे की मौत हो गई। इस मामले की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग ने अवैध रूप से संचालित अस्पतालों के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया। पुलिस से की गई शिकायत स्वास्थ्य विभाग के अवैध अस्पतालों के नोडल अधिकारी देवेश चौधरी ने बताया कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपा सिंह के निर्देश पर टांडा क्षेत्र में छापेमारी की गई। इस दौरान एस.आई. नर्सिंग होम (संचालक भूरा), नवीन चाइल्ड क्लिनिक (संचालक मेहरबान), मून हेल्थ केयर जच्चा-बच्चा केंद्र (संचालक दानिश), डाई बिन सिटी हॉस्पिटल (संचालक नफीश) और एक अन्य अस्पताल (संचालक कासिम) को सीज किया गया। देवेश चौधरी ने बताया कि जैसे ही स्वास्थ्य विभाग की टीम इन अस्पतालों में पहुंची, वहां मौजूद स्टाफ मौके से फरार हो गया। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि इन बड़े अस्पतालों में भर्ती की पूरी व्यवस्था होने के बावजूद एक भी मरीज भर्ती नहीं था। इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग पर सवाल उठ रहे हैं कि यदि ये अस्पताल लंबे समय से अवैध रूप से संचालित हो रहे थे, तो पहले कार्रवाई क्यों नहीं की गई। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है और जल्द ही एफआईआर दर्ज होने की उम्मीद है। थाना प्रभारी संजय मिश्रा ने पुष्टि की है कि तहरीर मिल गई है और रिपोर्ट लिखी जा रही है।

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