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लखनऊ के इंदिरा नगर थाना क्षेत्र में बीकेटी तहसील की निष्क्रांत घोषित जमीन के फर्जी बैनामे का बड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि वर्ष 2005 में सरकारी घोषित की जा चुकी जमीन पर करीब 17 साल तक फर्जी दस्तावेज तैयार कर खरीद-फरोख्त की जाती रही। मामले में रतन लालवानी समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
सरकारी जमीन पर फर्जी दस्तावेज तैयार करने का आरोप दलित परिवार की शिकायत पर दर्ज एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि निष्क्रांत घोषित भूमि के दस्तावेजों में कूटरचना कर खसरा संख्या बदली गई और नए बैनामे तैयार कर जमीन की बिक्री की गई। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यह पूरा खेल सुनियोजित षड्यंत्र के तहत किया गया।
दलित परिवार ने लगाया कब्जे की कोशिश का आरोप पीड़ित परिवार का आरोप है कि विपक्षी पक्ष जमीन पर अवैध कब्जा करने का प्रयास कर रहा था। विरोध करने पर जातिसूचक गालियां दी गईं और जान से मारने की धमकी भी दी गई।
कूटरचना, धोखाधड़ी और SC-ST एक्ट में केस इंदिरा नगर थाने में दर्ज एफआईआर में कूटरचना, धोखाधड़ी, धमकी और एससी-एसटी एक्ट की धाराएं लगाई गई हैं। यह कार्रवाई डीसीपी पूर्वी के आदेश पर की गई।
एक महीने बाद भी गिरफ्तारी नहीं मामले में एफआईआर दर्ज हुए करीब एक माह बीतने के बावजूद अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इसे लेकर पीड़ित परिवार ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
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