ओमपाल | रामपुर5 मिनट पहले
- कॉपी लिंक

समाजवादी पार्टी नेता आजम खान के खिलाफ चल रहे हेट स्पीच मामले में बुधवार को एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान चुनावी जनसभा की वीडियो रिकॉर्डिंग करने वाले वीडियोग्राफर की गवाही पूरी कराई गई। अभियोजन पक्ष की गवाही और बचाव पक्ष की जिरह के बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 12 जून 2026 की तारीख तय की है।
यह मामला लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान 5 अप्रैल 2019 को टांडा कस्बे में हुई एक चुनावी जनसभा से जुड़ा है। उस समय आजम खान समाजवादी पार्टी-कांग्रेस गठबंधन के प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में थे। आरोप है कि उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं। उन पर धार्मिक आधार पर लोगों को भड़काने और चुनाव को नफरत की राजनीति से जोड़ने वाला बयान देने का भी आरोप है।
2019 में उड़न दस्ता प्रभारी ने दर्ज कराया था केस
मामले में 8 अप्रैल 2019 को उड़न दस्ता प्रभारी पवन कुमार ने टांडा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था। तभी से यह मामला एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में विचाराधीन है।
बुधवार को हुई सुनवाई में अभियोजन पक्ष ने घटना के समय वीडियोग्राफी करने वाले पंकज कुमार को अदालत में पेश किया। गवाह ने अदालत को बताया कि उन्होंने चुनावी जनसभा की पूरी वीडियो रिकॉर्डिंग की थी। इसके बाद बचाव पक्ष की ओर से उनसे विस्तृत जिरह की गई।
दोनों पक्षों की कार्यवाही पूरी होने के बाद अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 12 जून 2026 की तारीख तय कर दी।
अभियोजन पक्ष की एडीजीसी सीमा राणा ने अदालत में कहा कि भाषण आचार संहिता और कानून व्यवस्था का उल्लंघन था। वहीं, बचाव पक्ष ने आरोपों को राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताया। मामले में गवाहों और साक्ष्यों की प्रक्रिया अभी जारी है।
