पुजारी पर हुए मुकदमे के विरोध में 1700 मंदिर बंद:सहारनपुर में पुजारी पर पॉक्सो केस दर्ज होने पर विरोध, जमानत के बाद की मारपीट, ब्राह्मण समाज का प्रदर्शन आज


सहारनपुर में मंदिर के पुजारी पर दर्ज पोक्सो और SC-ST एक्ट के मुकदमे को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। जिलेभर में ब्राह्मण समाज और सवर्ण संगठनों ने विरोध तेज कर दिया है। सोमवार को जिले के करीब 1700 छोटे-बड़े मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए। मंदिरों के बाहर विरोध स्वरूप नोटिस बोर्ड लगाए गए और कई जगहों पर ताले लटका दिए गए। ब्राह्मण समाज ने इसे पुजारियों और सवर्ण समाज के “उत्पीड़न” का मामला बताते हुए सुबह 11 बजे सहारनपुर SSP कार्यालय और कलेक्ट्रेट पर बड़े प्रदर्शन और घेराव का ऐलान किया है। आंदोलन को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। शहर और देहात क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पढ़िए…क्या है पूरा मामला मामला सहारनपुर के देहात कोतवाली क्षेत्र के एक गांव स्थित शिव मंदिर का है। आरोप है कि शुक्रवार को मंदिर परिसर में मौजूद 65 वर्षीय पुजारी विजय पंडित ने गांव के अन्य बच्चों के साथ खेल रही 10 वर्षीय बच्ची के साथ छेड़छाड़ की। बच्ची के रोने की आवाज सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आरोपी को पकड़ लिया। इसके बाद ग्रामीण और परिजन बच्ची तथा आरोपी को लेकर देहात कोतवाली पहुंचे। पुलिस ने बच्ची की मां की तहरीर पर आरोपी विजय पंडित के खिलाफ पोक्सो एक्ट सहित संबंधित धाराओं और SC-ST एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। हालांकि, आरोपी पक्ष और ब्राह्मण समाज का दावा है कि मामला पूरी तरह जमीन विवाद से जुड़ा हुआ है। समाज के लोगों का कहना है कि मंदिर के पास स्थित जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था और अब उसी विवाद को जातीय रंग देकर पुजारी को फंसाने की कोशिश की जा रही है। परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि केस दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने बीते शुक्रवार देर रात करीब 12 बजे आरोपी पुजारी को थाने से ही जमानत दी थी। आरोपी के बाहर आने की जानकारी फैलते ही गांव और आसपास के इलाकों में तनाव बढ़ गया। ब्राह्मण समाज का आरोप है कि जमानत मिलने के बाद पुजारी के साथ मारपीट की गई। इसी घटना के बाद समाज में भारी आक्रोश फैल गया और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। शनिवार को भीम आर्मी एकता मिशन और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता देहात कोतवाली पहुंच गए। जिला प्रभारी सन्नी गौतम के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस दबाव में काम कर रही है और आरोपी पुजारी को संरक्षण दिया। उन्होंने आरोपी की दोबारा गिरफ्तारी की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि 24 घंटे के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उधर, पुजारी के समर्थन में ब्राह्मण समाज और राजपूत समाज खुलकर मैदान में उतर आए हैं। समाज के लोगों का कहना है कि यह केवल एक पुजारी का मामला नहीं, बल्कि पूरे ब्राह्मण समाज के सम्मान और सुरक्षा का प्रश्न बन चुका है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रदेश में लगातार ब्राह्मण उत्पीड़न की घटनाएं बढ़ रही हैं और सरकार उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है। उनका कहना है कि समाज के नाम पर राजनीति करने वाले विधायक और मंत्री भी इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं। ब्राह्मण समाज के लोगों ने भीम आर्मी पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि संगठन के दबाव में पुलिस ने बिना निष्पक्ष जांच किए सीधे पोक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज कर दिया। समाज के लोगों का दावा है कि मामले की गहराई से जांच किए बिना एक बुजुर्ग पुजारी को आरोपी बना दिया गया, जिससे भारी नाराजगी है। विरोध के चलते सहारनपुर जिले के लगभग 1700 मंदिरों को बंद कर दिया गया है। देवबंद स्थित श्री हनुमान मंदिर सहित कई प्रमुख मंदिरों में कपाट बंद कर दिए गए और बाहर विरोध संबंधी नोटिस लगाए गए। सोशल मीडिया पर मंदिरों के बंद होने की तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं। ब्राह्मण संगठनों का दावा है कि उत्तर प्रदेश में पहली बार किसी घटना के विरोध में इतने बड़े स्तर पर मंदिर बंद किए गए हैं।

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