अर्चिता नहीं तुर्कमेनिस्तान की मुहब्बत की निकली लाश:मवाना खुर्द में मिला था शव, DNA रिपोर्ट से बड़ा खुलासा, मां से हुआ मैच


मेरठ के मवाना खुर्द क्षेत्र में कुछ महीने पहले बरामद हुआ अज्ञात महिला का शव आखिरकार तुर्कमेनिस्तान की नागरिक मुहब्बत सुनातोव्ना का ही निकला। पुलिस द्वारा कराए गए डीएनए परीक्षण में इसकी पुष्टि हो गई है। अब मेरठ पुलिस मृतका की मां गुलनारा को बेटी की अस्थियां और उससे जुड़ा सामान सौंपने की तैयारी कर रही है। पुलिस के अनुसार मुहब्बत सुनातोव्ना की हत्या परतापुर क्षेत्र स्थित एक होटल में की गई थी। हत्या के बाद आरोपियों ने शव को कार में ले जाकर मवाना खुर्द चौकी के पास भगवती फार्म हाउस के पीछे फेंक दिया था। शव की पहचान छिपाने के लिए चेहरा और हाथ तेजाब से जलाए गए थे। ईयरिंग्स, टैटू से पहचान हुई शुरुआत में पुलिस ने एक आधार कार्ड के आधार पर शव की पहचान किसी अन्य महिला के रूप में की थी, लेकिन बाद में जांच की दिशा बदल गई। पुलिस को मुहब्बत के मोबाइल की अंतिम कॉल और उसके संपर्कों से महत्वपूर्ण जानकारी मिली। इसके बाद तुर्कमेनिस्तान में रह रही उसकी मां गुलनारा से संपर्क किया गया। वीडियो कॉल और कपड़ों व ईयररिंग्स की पहचान के आधार पर परिवार ने आशंका जताई कि शव मुहब्बत का हो सकता है। पुलिस ने गुलनारा के रक्त के नमूने लेकर डीएनए टेस्ट कराया, जिसकी रिपोर्ट में मृतका की पहचान मुहब्बत सुनातोव्ना के रूप में पुष्टि हुई। जांच में सामने आया कि होटल में रुपये के विवाद को लेकर आरोपी चंचल कुमार और उसके साथियों ने मिलकर मुहब्बत की हत्या की थी। वारदात के बाद साक्ष्य मिटाने के लिए शव को ठिकाने लगाया गया था। एसपी देहात अभिजीत कुमार ने बताया कि मृतका की मां से संपर्क किया जा रहा है ताकि कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसकी अस्थियां और सामान परिवार को सौंपा जा सके। पुलिस पहले ही इस हत्याकांड में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। 15 साल पहले भारत आई, वापस लौटना चाहती थी विदेशी महिलाओं के उत्पीड़न से जुड़ी संस्था चलाने वाले दिल्ली के मयूर विहार फेज-1 निवासी हेमंत शर्मा ने बताया कि मुहब्बत की तुर्कमेनिस्तान में शादी हुई थी और उसके दो बेटियां हैं। वह बेटियों के भरण पोषण के लिए नौकरी करने 15 साल पहले भारत आई थी। वह वापस तुर्कमेनिस्तान लौटना चाहती थी। उसने अपनी मां को भारत बुलाया था। उसने अपनी मां से कहा था कि वह उन्हें भारत घुमाएगी। इसके बाद वह उनके साथ ही अपनी बेटियों के पास तुर्कमेनिस्तान लौट जाएगी।

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