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शहर के बृजेंद्र स्वरूप पार्क में पिछले पांच दिनों से चल रहे एक अनोखे शिविर ने कानपुर वालों का सोचने का नजरिया बदल दिया है। आजकल शहर के हर नुक्कड़, पान के ठेले और चौपालों पर बस इसी शिविर की चर्चा है। आलम यह है कि सुबह 5:15 बजने से पहले ही हजारों लोग नहा-धोकर, सफेद कपड़ों में पार्क पहुंच रहे हैं। शिविर के संचालक और सन टू ह्यूमन फाउंडेशन के मुखिया पूज्य परम आलय जी ने कानपुर वासियों को नशे और जीवन की उलझनों से बाहर निकलने का एक बेहद आसान फॉर्मूला दिया है। उन्होंने कहा कि नशा छोड़ना तो बच्चों का खेल है, अगर इंसान ठान ले तो वह इस मानव योनी (जीवन-मरण के चक्र) से भी मुक्ति पा सकता है। 10 हफ्ते में खत्म हो जाएगा हर तरह का एडिक्शन परम आलय जी ने आम कानपुरिया को चाय, कॉफी, कोल्ड ड्रिंक से लेकर गुटखा, तंबाकू, शराब और अश्लील साइट्स के एडिक्शन (लत) से मुक्त होने का एक व्यावहारिक उपाय बताया। उन्होंने लोगों को संकल्प दिलाया कि वे जिस भी चीज के आदी हैं, उसका उपभोग हर हफ्ते सिर्फ 10% कम कर दें। इस गणित से व्यक्ति मात्र 10 हफ्तों में उस लत से पूरी तरह बाहर आ जाएगा। इसके बाद अगले 7 हफ्तों तक बस खुद पर नियंत्रण रखना होगा, जिससे वह बुराई हमेशा के लिए छूट जाएगी। गेहूं के दाने से समझें जीवन का गणित प्रवचन के दौरान उन्होंने गेहूं की भूसी, गेहूं के दाने और परिष्कृत बीजों का बड़ा ही सुंदर उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि आम आदमी जीवनभर सिर्फ बाहरी तड़क-भड़क (भूसी) के पीछे भागता रहता है, जिससे कुछ हासिल नहीं होता। जबकि गेहूं के एक अकेले बीज में 200 नए दाने पैदा करने की शक्ति होती है, जो आगे चलकर पूरी पृथ्वी को हरा-भरा कर सकता है। एक महीने की मेहनत लाई रंग, अब ‘सेजवानी लैंड’ में जगेगी शक्ति इस भव्य आयोजन को सफल बनाने के लिए देश के अलग-अलग शहरों से आए फाउंडेशन के सदस्यों (परम मित्रों) मां मैत्रेयी, जानकी, शून्य, श्रवण, राधिका, शिवालय और ललित ने पिछले एक महीने से दिन-रात एक कर रखा था। उन्होंने कानपुर के हर मोहल्ले, सोसायटी, ऑफिस और संगठनों तक अपनी पहुंच बनाई, जिसका असर अब पार्क में उमड़ रही भीड़ के रूप में दिख रहा है। फाउंडेशन के मुताबिक, इस शुरुआती शिविर के बाद आगे की आंतरिक शक्तियों को जागृत करने के लिए लोग नाममात्र के शुल्क पर ‘सेजवानी मेडिटेशन लैंड’ जा सकते हैं, जो उच्च शिक्षा की तरह उनके जीवन को एक पायदान और ऊपर ले जाएगा।
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10 हफ्ते में छूट जाएगा गुटखा-शराब का नशा:कानपुर में 'परम आलय' बोले- हर हफ्ते सिर्फ 10% कम करें इस्तेमाल