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रामपुर नगर पालिका सभागार में मंगलवार दोपहर उत्तर प्रदेश सफाई मजदूर संगठन की ओर से ‘सफाई सैनिक एकता महासम्मेलन’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी और वाल्मीकि समाज के लोग मौजूद रहे। सम्मेलन में उत्तराखंड सरकार के राज्य मंत्री एवं सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने सफाई कर्मचारियों के अधिकारों और समस्याओं पर खुलकर अपनी बात रखी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्य मंत्री ने सफाई कर्मचारियों और मजदूर वर्ग से अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर आवाज उठाने का आह्वान किया। उन्होंने मंच से कहा कि सभी लोग अपने सांसदों और विधायकों के घरों व कार्यालयों का घेराव करें, ज्ञापन दें और धरना-प्रदर्शन कर अपना हक मांगें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज भी कई जगहों पर सफाई कर्मचारियों से मात्र सात-सात हजार रुपये में काम कराया जा रहा है, जो पूरी तरह गलत है। राज्य मंत्री ने कहा कि चाहे कोई किसी भी राजनीतिक दल में हो, लेकिन अपने समाज और मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई जरूर लड़नी चाहिए। उन्होंने ठेका प्रथा को खत्म करने की आवश्यकता बताते हुए कहा कि जब तक मजदूर एकजुट नहीं होंगे, तब तक उनका शोषण बंद नहीं होगा। उन्होंने करीब 15 मिनट तक जोशीले अंदाज में भाषण दिया, जिससे सफाई कर्मचारियों और वाल्मीकि समाज के लोगों में उत्साह का संचार हुआ। महासम्मेलन के दौरान मजदूरों ने भी अपनी समस्याएं रखीं और संगठन को मजबूत बनाने पर जोर दिया। एक सफाई कर्मी ने बताया कि नगर पालिका में ठेका प्रथा चल रही है और ठेका लेने वाले ज्यादातर संगठन के ही लोग हैं। उन्होंने कहा कि संगठन के जिम्मेदार लोगों को इस ठेका प्रथा को खत्म करने और मजदूरों को सही मजदूरी दिलाने के लिए सड़क से संसद तक लड़ाई लड़नी चाहिए।
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रामपुर में सफाई मजदूर महासम्मेलन आयोजित:उत्तराखंड राज्य मंत्री ने हक मांगने, ठेका प्रथा खत्म करने का आह्वान किया