नीट छात्र की आत्महत्या पर प्रियंका-राहुल गांधी का पोस्ट:लिखा- परीक्षाओं में चल रहा भ्रष्टाचार युवाओं की जान ले रहा है, आंकड़े गिनाए


लखीमपुर खीरी में नीट अभ्यर्थी ऋतिक मिश्रा की आत्महत्या के बाद जिले से लेकर राष्ट्रीय राजनीति तक हलचल तेज हो गई है। छात्र की मौत को लेकर विभिन्न छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों ने प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं, वहीं कांग्रेस नेताओं प्रियंका गांधी और राहुल गांधी ने भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए परीक्षा प्रणाली और कथित भ्रष्टाचार पर सवाल उठाए हैं। घटना के बाद सबसे पहले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने विरोध दर्ज कराते हुए प्रदर्शन किया। परिषद कार्यकर्ताओं ने नीट परीक्षा आयोजित कराने वाली संस्था एनटीए के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की। गुरुवार को एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने शहर में एनटीए की शव यात्रा निकालकर विरोध प्रदर्शन किया और जिला प्रशासन के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। कार्यकर्ताओं का आरोप था कि लगातार सामने आ रही परीक्षा अनियमितताओं और पेपर लीक जैसी घटनाओं से छात्र मानसिक दबाव में आ रहे हैं। वहीं समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने भी प्रदर्शन कर छात्र की मौत को सरकार की लापरवाही का परिणाम बताया। पार्टी नेताओं ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपते हुए परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। इधर मामला राष्ट्रीय स्तर पर भी पहुंच गया। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि लखीमपुर खीरी में छात्र ऋतिक मिश्रा की खुदकुशी का समाचार अत्यंत दुखद है। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए लिखा कि पीड़ित परिवार के मुताबिक नीट परीक्षा रद्द होने की वजह से छात्र मानसिक तनाव में था। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं में चल रहा भ्रष्टाचार युवाओं की जान ले रहा है और हर साल लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। वहीं राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि “अब नहीं देनी प्रतियोगी परीक्षा” ऋतिक मिश्रा के आखिरी शब्द थे। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र परीक्षा से नहीं हारे बल्कि एक भ्रष्ट व्यवस्था के शिकार हुए हैं। राहुल गांधी ने दावा किया कि वर्ष 2015 से 2026 तक देश में 148 परीक्षा घोटाले सामने आए, जिनमें 87 परीक्षाएं रद्द हुईं और करोड़ों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ। उन्होंने केंद्र सरकार और परीक्षा एजेंसियों की जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं हो रही है। छात्र की मौत के बाद जिले में लगातार विरोध प्रदर्शन जारी हैं और पूरे मामले ने राजनीतिक रूप ले लिया है। प्रशासनिक स्तर पर भी मामले पर नजर रखी जा रही है।

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