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शंकराचार्य अवि मुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद के खिलाफ जमानत की शर्तों का उल्लंघन करने के मामले में दाखिल याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। हाईकोर्ट में याचिका आशुतोष महाराज ने दाखिल कर कई आरोप लगाए हैं। इससे पहले 9 मई कोइलाहाबाद हाईकोर्ट के जज ने शंकराचार्य केस से खुद को अलग कर लिया था। न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े मामले को चीफ जस्टिस के पास भेजा था। उन्होंने इस केस की सुनवाई दूसरी बेंच से कराने का अनुरोध किया था। अब नई बेंच मामले की सुनवाई करेगी। दरअसल, आशुतोष महाराज ने अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद पर कोर्ट की अवमानना का आरोप लगाया था। बटुकों के कथित मामले में आशुतोष महाराज ने ही अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ FIR दर्ज कराई थी। आशुतोष महाराज शामली के कांधला के प्राचीन शाकुंभरी सिद्धपीठ से जुड़े हैं। आशुतोष महाराज के शंकराचार्य पर लगाए आरोप पढ़िए… 1. शंकराचार्य और मुकुंदानंद ने जमानत शर्तों का उल्लंघन किया अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी पर नाबालिगों के साथ यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगे हैं। दोनों ही लोग पॉक्सो केस में जानबूझकर हाईकोर्ट की शर्तें नहीं मान रहे। अविमुक्तेश्वरानंद नाबालिग पीड़ितों के गृह जिलों में अनधिकृत सार्वजनिक रैलियां और बैठकें कर जमानत की शर्तों का उल्लंघन कर रहे हैं। हाईकोर्ट ने 27 फरवरी और 25 मार्च को पॉक्सो मामले में आदेश जारी किए थे। 2. भड़काऊ बयानों से बटुकों और उनके घरवालों को डरा रहे सार्वजनिक प्रदर्शनों, भड़काऊ बयानों और सोशल मीडिया के माध्यम से नाबालिग पीड़ितों और उनके परिवारों को डराने का प्रयास किया जा रहा है। इससे उनमें असुरक्षा का माहौल है। साथ ही ये अदालती कार्यवाही को प्रभावित करने का प्रयास है। 3. धमकी मिलने का मामला भी उठाया आशुतोष महाराज ने याचिका में दावा किया कि उनकी नाक काटने के लिए 21 लाख रुपए के इनाम की सार्वजनिक घोषणा की गई थी। जिसके बाद 8 मार्च, 2026 को चलती ट्रेन के अंदर उन पर जानलेवा हमला हुआ। साथ ही पाकिस्तानी मोबाइल नंबर से वॉट्सएप कॉल के जरिए धमकी मिली। इसमें कहा गया कि केस वापस नहीं लिया तो उन्हें और उनके वकील को बम विस्फोट में मार दिया जाएगा। अब पूरा मामला जानिए… पॉक्सो कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई थी FIR प्रयागराज माघ मेले में 18 जनवरी 2026 को मौनी अमावस्या के दिन शंकराचार्य और प्रशासन के बीच विवाद हुआ था। इसके 8 दिन बाद 24 जनवरी को जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष महाराज ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की। इसमें माघ मेला-2026 और महाकुंभ-2025 के दौरान बच्चों से यौन शोषण के आरोप लगाए थे। पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए 8 फरवरी को स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में याचिका दाखिल की गई। 13 फरवरी को 2 बच्चों को कोर्ट में पेश किया। 21 फरवरी को उनके बयान दर्ज हुए। कोर्ट के आदेश पर उसी दिन झूंसी थाने में FIR दर्ज की गई। FIR में शंकराचार्य, उनके शिष्य मुकुंदानंद और 2-3 अज्ञात आरोपी बनाए गए। —————- ये खबर भी पढ़ें… क्रिकेटर दीप्ति शर्मा ने लिया प्रेमानंद महाराज का आशीर्वाद:संत बोले- अभ्यास बढ़ाइए और लक्ष्य को भेदिए, टी-20 वर्ल्ड कप के लिए हुआ है चयन आगरा की क्रिकेटर दीप्ति शर्मा बुधवार को मथुरा में प्रेमानंद महाराज के आश्रम पहुंची। उन्होंने करीब आधे घंटे तक आध्यात्मिक चर्चा की। दीप्ती ने BCCI ने विमेंस T-20 वर्ल्ड कप की जीत के लिए प्रेमानंद महाराज से आशीर्वाद मांगा। प्रेमानंद महाराज ने कहा कि आप का जीवन तपस्वी का जीवन है। संपूर्ण भारत को सुख देने वाला है। कोई खिलाड़ी जीतता है तो खिलाड़ी का नाम पीछे होता है। पहले होता है भारत। पढ़ें पूरी खबर
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शंकचाचार्य अविमुक्तेश्वरानंद मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई:न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने केस से खुद को अलग किया, नई बेंच में मामला