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उन्नाव में बुधवार को महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, शायर और पत्रकार मौलाना हसरत मोहानी की पुण्यतिथि मनाई गई। इस अवसर पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। मौलाना हसरत मोहानी विचार मंच के अध्यक्ष मुर्तजा हैदर रिज़वी ने केंद्र सरकार से उन्नाव रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर “मौलाना हसरत मोहानी स्टेशन” करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह उनके योगदान का उचित सम्मान होगा। रिज़वी ने बताया कि मौलाना हसरत मोहानी ने देश की आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वे केवल एक महान शायर ही नहीं, बल्कि स्वतंत्रता आंदोलन के अग्रणी योद्धाओं में से एक थे। देश की आजादी के लिए उनके योगदान और कुर्बानियों को देखते हुए यह नामकरण आवश्यक है। उन्होंने देश को “इंकलाब जिंदाबाद” का नारा दिया था, जो आज भी स्वतंत्रता संग्राम की पहचान है। मौलाना मोहानी ने भारतीय संविधान निर्माण प्रक्रिया में भी अहम भूमिका निभाई थी और पूर्ण स्वतंत्रता की मांग सबसे पहले उठाने वालों में शामिल थे। मुर्तजा रिज़वी ने आगे कहा कि हसरत मोहानी स्वदेशी आंदोलन के संस्थापकों में से एक थे। उन्होंने अपने घर से ही स्वदेशी आंदोलन की शुरुआत की थी और विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार का संदेश दिया था। उनका जीवन सादगी, त्याग और देशभक्ति का प्रतीक रहा है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि मौलाना हसरत मोहानी धार्मिक सौहार्द और गंगा-जमुनी तहजीब के प्रतीक थे। वे भगवान कृष्ण के भक्त थे और हर वर्ष जन्माष्टमी पर वृंदावन जाया करते थे। उनके व्यक्तित्व में भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीय एकता की झलक स्पष्ट दिखाई देती थी। देश की आजादी की लड़ाई के दौरान मौलाना हसरत मोहानी को कई बार जेल जाना पड़ा। उनके जीवन का एक बड़ा हिस्सा कारावास में बीता, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अपने विचारों और संघर्ष को कभी कमजोर नहीं पड़ने दिया। रिज़वी ने केंद्रीय रेल मंत्री से अपील करते हुए कहा कि उन्नाव रेलवे स्टेशन का नाम मौलाना हसरत मोहानी के नाम पर रखा जाना उनके योगदान का सम्मान होगा और नई पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास से प्रेरणा मिलेगी। इस दौरान विचार मंच के पदाधिकारियों और लोगों ने भी हसरत मोहानी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
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उन्नाव में मौलाना हसरत मोहानी को श्रद्धांजलि अर्पित:रेलवे स्टेशन का नाम बदलने की मांग, केंद्र सरकार से अपील