जेल से बाहर आते ही भाजपा नेता आशीष उपाध्याय गिरफ्तार:सौ करोड़ के सट्टा सिंडिकेट में जेल भेजा गया था, दूसरे सिंडिकेट में भी आया था नाम


झांसी में भाजपा नेता और सहकारी बैंक डायरेक्टर आशीष उपाध्याय की आईपीएल सट्टा सिंडिकेट मामले में जेल से रिहाई तो हो गई, लेकिन जेल से बाहर निकलते ही पुलिस ने उसे दूसरे मामले में दोबारा गिरफ्तार कर लिया। जिला कारागार के बाहर सुबह से ही भारी पुलिस बल तैनात रहा। जैसे ही पुलिस को जानकारी मिली कि बुधवार को आशीष की रिहाई होनी है, नवाबाद, सीपरी बाजार और एसओजी टीम के जवान जेल गेट पर मुस्तैद हो गए। दरअसल, बीते दिनों नवाबाद थाना और एसओजी टीम ने झांसी में पकड़े गए करीब सौ करोड़ रुपये के आईपीएल सट्टा नेटवर्क मामले में दिल्ली से भाजपा नेता आशीष उपाध्याय को गिरफ्तार किया था। कोर्ट में पेशी के बाद उसे झांसी जेल भेज दिया गया था। बाद में आशीष ने बंदी प्रत्याशीकरण कानून के तहत हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी और पुलिस रिमांड को अवैध मानते हुए जिला न्यायालय के आदेश को निरस्त कर उसकी रिहाई के निर्देश दिए।
बुधवार को हाईकोर्ट का आदेश झांसी जेल प्रशासन को प्राप्त हुआ। इसके बाद कागजी कार्रवाई पूरी कर दोपहर करीब 2:40 बजे आशीष उपाध्याय को रिहा कर दिया गया। जेल गेट पर ही दोबारा गिरफ्तारी
जेल से सफेद टी-शर्ट और नीली जींस पहनकर बाहर निकले आशीष के साथ सिविल ड्रेस में मौजूद पुलिसकर्मी चलते नजर आए। वहीं मुख्य गेट के बाहर पहले से मौजूद पुलिस अधिकारियों और जवानों ने घेराबंदी कर रखी थी। जैसे ही आशीष जेल के मुख्य द्वार से बाहर निकला, पुलिस ने उसे तुरंत हिरासत में लेकर सीपरी बाजार थाना पुलिस की गाड़ी में बैठा लिया और पूछताछ के लिए रवाना हो गई।
रॉयल सिटी सट्टा सिंडिकेट में कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक हाल ही में सीपरी बाजार थाना क्षेत्र स्थित रॉयल सिटी हाउसिंग सोसायटी में संचालित एक नए सट्टा सिंडिकेट का खुलासा हुआ था। इस मामले में पुलिस सिपाही रजत कुमार, उसकी महिला मित्र समेत कई लोगों के नाम सामने आए थे। जांच के दौरान इस नेटवर्क में आशीष उपाध्याय की संलिप्तता भी उजागर हुई। इसी आधार पर सीपरी बाजार थाने में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
ऐसे में एक मामले में जेल से रिहा होते ही पुलिस ने रॉयल सिटी सट्टा सिंडिकेट केस में उसे दोबारा गिरफ्तार कर लिया।

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