भोपाल49 मिनट पहले
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भोपाल में NSUI ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पुतला जलाकर विरोध प्रदर्शन किया।
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 रद्द हो गई है। केंद्र सरकार ने पेपर लीक मामले की जांच CBI को सौंप दी है। वहीं राजस्थान पुलिस ने धांधली के आरोप में महाराष्ट्र के नाशिक निवासी डॉ. शुभम खैरनार को गिरफ्तार किया है। अब सत्यसाई यूनिवर्सिटी से भी कनेक्शन जोड़ा जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, आरोपी शुभम सीहोर स्थित श्री सत्यसाई यूनिवर्सिटी (SSSUTMS) में आयुर्वेद चिकित्सा (BAMS) का छात्र है। मामले में विश्वविद्यालय के कुलगुरु मुकेश तिवारी ने कहा- 2021 में बीएएमएस में प्रवेश लिया था, लेकिन उसके बाद वह कभी विश्वविद्यालय नहीं आया।
MP के 1.20 लाख अभ्यर्थियों पर असर, NSUI का प्रदर्शन
पेपर रद्द होने का असर मध्य प्रदेश के करीब 1.20 लाख अभ्यर्थियों पर पड़ा है। अभिभावकों और छात्रों में नाराजगी है। NSUI ने भोपाल में प्रदर्शन किया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और NTA अध्यक्ष प्रदीप जोशी का पुतला भी जलाया गया।
एग्जाम रद्द होने से छात्रों में निराशा, मानसिक तनाव
नीट अभ्यर्थी सार्थक यादव ने कहा- मैंने पूरे साल मेहनत करके नीट की तैयारी की थी और परीक्षा दी, लेकिन आखिर में एग्जाम रद्द हो गया। यह बेहद निराशाजनक है। मानसिक तनाव है। अब फिर से तैयारी करके परीक्षा देनी पड़ेगी।
2024 में भी यही हुआ था, अब फिर वही स्थिति
भोपाल की राखी ने कहा- अगले साल फिर ऐसी स्थिति नहीं बनेगी, इसकी भी कोई गारंटी नहीं है। 2024 में भी प्रबंधन ने यही किया था, अब 2026 में भी मेहनत पानी में मिल गई। लाखों बच्चों का भविष्य फिर अंधकार में धकेला दिया गया।

छात्रों पर मानसिक तनाव की स्थिति
नीट छात्रा इशीका साहू ने कहा- मैंने पहली बार नीट परीक्षा दी थी। एग्जाम रद्द होने की खबर बेहद निराश करने वाली है। जिन छात्रों ने लंबे समय से तैयारी की थी या ड्रॉप लेकर मेहनत कर रहे थे, उनके साथ बहुत गलत हुआ है। अब री-नीट की बात हो रही है। मानसिक तनाव है।

महिला कांग्रेस बोली- बीजेपी सरकार में 90 बार पेपर लीक
मध्यप्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष रीना बौरासी सेतिया ने कहा-छात्र-छात्राओं का भविष्य अंधकारमय हो गया है। इन छात्रों के परिवार किस तरह उन्हें पढ़ाते हैं, यह सभी समझ सकते हैं। गरीब परिवारों के छात्र छोटे शहरों से बड़े शहरों में पढ़ाई करने जाते हैं। ऐसे में उन परिवारों पर क्या बीती होगी?
बीजेपी सरकार में 90 बार पेपर लीक हुए हैं। 50 बार दोबारा परीक्षाएं कराई गई हैं। इनमें से कई बच्चे परीक्षा देने से चूक गए। उनका भविष्य आज भी अंधकार में है। इसका जिम्मेदार सिर्फ सरकार है, जो पिछले 12 वर्षों से देश में शासन कर रही है। अब इन 23 लाख छात्रों के भविष्य के बारे में कौन सोचेगा?
नीट एग्जाम रद्द होने से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
अपडेट्स
01:11 PM12 मई 2026
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पेपर नहीं, युवाओं का भरोसा लीक हुआ है- डॉ. आकाश सोनी
फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया एसोसिएशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. आकाश सोनी ने कहा, नीट का पेपर लीक होना और परीक्षा रद्द होना यह दिखाता है कि देश की परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ऐसी एजेंसियां देश की छवि वैश्विक स्तर पर खराब कर रही हैं। इस मामले में जो भी लोग शामिल हैं, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने कहा, केंद्र सरकार को सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो। आज सिर्फ एक पेपर लीक नहीं हुआ है, बल्कि युवाओं का भरोसा भी टूट गया है। हम मेहनत करते रह जाएंगे और आने वाले समय में कोई ऐसा व्यक्ति डॉक्टर बन जाएगा, जिसे कुछ भी नहीं पता, लेकिन उसके पास परीक्षा से पहले ही पेपर पहुंच गया था।
01:10 PM12 मई 2026
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इंदौर से अपडेट दे रहे भास्कर रिपोर्टर संतोष शितोले
01:08 PM12 मई 2026
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706 नंबर आने की उम्मीद थी, परीक्षा रद्द होने से निराश हूं
इंदौर के आराध्य गर्ग ने बताया- पेपर लीक होने की जानकारी मुझे तीन दिन पहले ही मिल गई थी। यह मेरा पहला एग्जाम था। मुझे करीब 706 अंक मिलने की उम्मीद थी, जिसे लेकर मैं बहुत खुश था। लेकिन परीक्षा रद्द होने के बाद काफी निराशा है।
01:06 PM12 मई 2026
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इंदौर की डॉक्टर बोलीं- आरोपियों को फांसी की सजा मिले
इंदौर की डॉक्टर पिंकी गर्ग ने कहा, इस मामले में जो भी आरोपी पकड़े जाएं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। जिन कोचिंग सेंटरों की भूमिका सामने आए, उनके लाइसेंस भी रद्द किए जाएं। आरोपियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई दोबारा पेपर लीक करने की हिम्मत न कर सके।
01:02 PM12 मई 2026
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कोचिंग संचालक बोले- ऑनलाइन मोड में एग्जाम होने पर पेपर लीक होने की संभावनाएं कम
इंदौर के कोचिंग संचालक विजिट जैन ने कहा- ऑनलाइन मोड में एग्जाम होने पर पेपर लीक होने की संभावनाएं कम होगी।
12:55 PM12 मई 2026
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NEET कैंडिडेट्स बोले- हमारे भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया
12:52 PM12 मई 2026
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CBI पर भरोसा नहीं, सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज से कराइए जांच- NSUI
NSUI के नेताओं ने कहा- छात्रों की मांग है कि सरकार इस मामले की जांच सीबीआई के बजाय सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज से कराइए। छात्रों ने कहा कि उन्हें सीबीआई जांच पर भरोसा नहीं है। साथ ही अभ्यर्थियों की परीक्षा फीस, फॉर्म भरने का खर्च और आने-जाने का किराया जल्द से जल्द वापस किया जाए।
12:46 PM12 मई 2026
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भोपाल की महक बोली- लग रहा है आत्महत्या कर लूं
भोपाल की महक राव ने कहा, परीक्षा रद्द होने के बाद ऐसा लग रहा है कि आत्महत्या कर लें। घरवालों ने पैसे खर्च कर हमें पढ़ाया, लेकिन परीक्षा होने के बाद उसे रद्द कर दिया गया। इससे परेशानी और बढ़ गई है। हम मानसिक तनाव झेल रहे हैं। हम गरीब परिवार से हैं, बार-बार कोचिंग के लिए पैसे कहां से लाएंगे?
12:41 PM12 मई 2026
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रीना बौरासी सेतिया बोलीं- युवा चढ़ रहे भ्रष्टाचार की बलि
मध्यप्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष रीना बौरासी सेतिया ने कहा- लगातार भ्रष्टाचार की बलि कभी युवा चढ़ते हैं तो कभी किसान। आज तक न तो इन भ्रष्टाचारों की जांच होती है और न ही कोई कार्रवाई की जाती है। इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।
12:34 PM12 मई 2026
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भोपाल में NSUI ने फूंका केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पुतला
मध्य प्रदेश एनएसयूआई ने नीट परीक्षा रद्द किए जाने के विरोध में भोपाल में पुतला दहन कर प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं के साथ एनएसयूआई के नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
एनएसयूआई ने मामले की न्यायिक जांच सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में कराने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और एनटीए अध्यक्ष प्रदीप जोशी का पुतला भी जलाया गया।
12:30 PM12 मई 2026
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डॉ. अमित गुप्ता बोले- छात्रों की मुश्किलें बढ़ना तय
डॉ. अमित गुप्ता ने कहा, अपनी कोचिंग पूरी करने के बाद छात्रों ने अपने हॉस्टल खाली कर दिए हैं। अपने-अपने घरों को लौट गए हैं। अब उन्हें फिर से यहां वापस आना पड़ेगा। उन्हें अपनी तैयारी बिल्कुल शुरू से फिर से शुरू करनी होगी। छात्रों की मुश्किलें बढ़ना तय है।
उन्होंने कहा- कई कोचिंग सेंटरों के डायरेक्टर यह दावा कर रहे हैं कि उनके छात्रों के नतीजे 70–80 प्रतिशत से भी बेहतर आएंगे। आखिर यह संभव कैसे है? नतीजे तो अभी तक जारी भी नहीं हुए हैं। एक चल रहे घोटाले के बीच इस तरह के बड़े-बड़े दावे करना कई गंभीर सवाल खड़े करता है।
12:21 PM12 मई 2026
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अभ्यर्थी बोले- लाखों बच्चों का भविष्य अंधकार में डाल दिया
भोपाल की राखी सिंह ने कहा- 2024 में भी प्रबंधन ने यही किया था, अब 2026 में भी मेहनत पानी में मिल गई। लाखों बच्चों का भविष्य अंधकार में डाल दिया।
12:17 PM12 मई 2026
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भोपाल से अपडेट दे रहीं भास्कर रिपोर्टर रागनी राय
12:16 PM12 मई 2026
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एनएकेडमी के डायरेक्टर बोले- हद दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति
भोपाल में एनएकेडमी के डायरेक्टर निशांत सप्रे ने कहा- यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। लगातार सामने आ रही अव्यवस्थाओं को देखते हुए प्रशासन को सख्त कदम उठाने चाहिए। केंद्र सरकार को NTA के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
उन्होंने कहा- एक छात्र पूरे साल मेहनत करके परीक्षा की तैयारी करता है। उसके साथ परिवार की उम्मीदें भी जुड़ी होती हैं। तैयारी के दौरान परिवार पर आर्थिक बोझ बढ़ता है। ऐसे में परीक्षा रद्द होने से छात्र पूरी तरह हतोत्साहित हो जाता है। कई बच्चे मानसिक तनाव और डिप्रेशन का शिकार भी हो सकते हैं।
12:16 PM12 मई 2026
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महिला कांग्रेस बोली- बीजेपी सरकार में 90 बार पेपर लीक

मध्यप्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष रीना बौरासी सेतिया ने कहा-छात्र-छात्राओं का भविष्य अंधकारमय हो गया है। इन छात्रों के परिवार किस तरह उन्हें पढ़ाते हैं, यह सभी समझ सकते हैं। गरीब परिवारों के छात्र छोटे शहरों से बड़े शहरों में पढ़ाई करने जाते हैं। ऐसे में उन परिवारों पर क्या बीती होगी?
बीजेपी सरकार में 90 बार पेपर लीक हुए हैं। 50 बार दोबारा परीक्षाएं कराई गई हैं। इनमें से कई बच्चे परीक्षा देने से चूक गए। उनका भविष्य आज भी अंधकार में है। इसका जिम्मेदार सिर्फ सरकार है, जो पिछले 12 वर्षों से देश में शासन कर रही है। अब इन 23 लाख छात्रों के भविष्य के बारे में कौन सोचेगा?
12:15 PM12 मई 2026
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8 मई को शुरू हुई थी केंद्रीय जांच
NTA के मुताबिक, 8 मई 2026 को मामले की प्रारंभिक जांच केंद्रीय एजेंसियों को सौंप दी गई थी। शुरुआती निष्कर्षों में परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता प्रभावित होने की बात सामने आई। इसके बाद परीक्षा दोबारा कराने का फैसला लिया गया।
दोबारा परीक्षा होगी, फीस भी लौटाई जाएगी
NTA ने स्पष्ट किया है कि दोबारा परीक्षा के लिए छात्रों को नया रजिस्ट्रेशन नहीं करना होगा। पहले वाले परीक्षा केंद्र ही बनाए रखे जाएंगे। हालांकि रि-एग्जाम के लिए नए एडमिट कार्ड जारी किए जाएंगे।NTA ने कहा है कि परीक्षा फीस वापस की जाएगी।
12:15 PM12 मई 2026
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पेपर छपने से पहले ही नकल गैंग तक पहुंचे सवाल
जांच में सामने आया कि सवाल परीक्षा छपने से पहले ही नकल गैंग तक पहुंच चुके थे। बायोलॉजी के 90 और केमिस्ट्री के 35 सवाल पहले से गैंग के पास मौजूद थे। इस ‘लीक नेटवर्क’ के तार जयपुर से जुड़े हैं। राजस्थान एसओजी ने जयपुर से मनीष नाम के व्यक्ति को पकड़ा, जिसे रैकेट का मास्टरमाइंड माना जा रहा है।
जांच एजेंसियों के मुताबिक उसका नेटवर्क कई राज्यों तक फैला है। जांच में सामने आया कि मनीष और उसके साथियों ने लीक सवालों को दूसरे सवालों के साथ मिलाकर बड़ा ‘क्वेश्चन बैंक’ तैयार किया था। यही छात्रों तक पहुंचाया गया। बायोलॉजी के 90 में से 90 और केमिस्ट्री के 45 में से 35 सवाल हूबहू परीक्षा में आए।
पैसों के बदले बांटे गए सवाल
एसओजी ने उन छात्रों से पूछताछ की, जिन्हें यह क्वेश्चन बैंक दिया गया था। कई छात्रों ने पैसे के लेनदेन की बात स्वीकार की है। एजेंसियां अब नेटवर्क की मनी ट्रेल खंगाल रही हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि पेपर कितनी रकम में बेचा गया और नेटवर्क किन लोगों तक फैला था।
12:15 PM12 मई 2026
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राजस्थान में मिला था हाथ से लिखा ‘गेस पेपर’
राजस्थान में कई स्टूडेंट्स के पास हाथ से लिखा तथाकथित ‘गेस पेपर’ मिला। इसमें मौजूद सवाल असली परीक्षा से मेल खा रहे थे। 10 मई को राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर देहरादून, सिखर और झुनझुनू से 15 संदिग्धों को हिरासत में लिया।
जांच में खुलासा हुआ कि 720 अंकों में से करीब 600 नंबर के सवाल परीक्षा से दो दिन पहले सीकर में छात्रों तक पहुंच चुके थे। बताया जा रहा है कि यह गेस पेपर केरल के एक मेडिकल कॉलेज में MBBS कर रहे छात्र ने 1 मई को सीकर में अपने दोस्त को भेजा था।
12:14 PM12 मई 2026
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एक ही हैंडराइटिंग में लिखे गए 300 से ज्यादा सवाल

जांच एजेंसियों को मिले क्वेश्चन बैंक में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के 300 से ज्यादा सवाल शामिल हैं। सभी सवाल हाथ से लिखे गए हैं और शुरुआती जांच में उनकी हैंडराइटिंग एक जैसी पाई गई है।
इनमें से करीब 150 सवाल हूबहू NEET UG 2026 के असली पेपर में आए। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, किसी गेस पेपर से कुछ सवाल मिलना सामान्य हो सकता है, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में सवालों का मैच होना गंभीर संकेत है।
12:14 PM12 मई 2026
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2024 में भी सामने आया था पेपर लीक विवाद
यह पहला मौका नहीं है, जब NEET परीक्षा विवादों में घिरी हो। 2024 में भी पेपर लीक के आरोपों ने देशभर में बवाल खड़ा किया था। उस समय परीक्षा 5 मई को हुई थी और अगले दिन NTA ने पेपर लीक से इनकार कर दिया था।
बाद में पटना और हजारीबाग की जांच में पेपर लीक के सबूत मिले थे। कई गिरफ्तारियां भी हुई थीं। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने पूरी परीक्षा रद्द करने से इनकार कर दिया था। केवल कुछ केंद्रों पर 1,539 छात्रों की दोबारा परीक्षा कराई गई थी।
2024 के विवाद में 67 छात्रों का 720 में 720 अंक लाना और एक ही सेंटर से कई टॉपर्स सामने आना भी सवालों का कारण बना था। अब 2026 में फिर ऐसे आरोपों ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
