बृजेश कुमार गुप्ता | महराजगंज4 मिनट पहले
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सोनौली/महराजगंज। भारत-नेपाल सीमा पर नेपाल प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। सोनौली-बेलहिया सीमा से पैदल नेपाल जाने वाले भारतीय नागरिकों की अब रैंडम तरीके से पहचान जांच की जा रही है। सीमा पर तैनात नेपाल सशस्त्र पुलिस बल के जवान लोगों को रोककर आधार कार्ड, वोटर आईडी या अन्य वैध पहचान पत्र दिखाने को कह रहे हैं।
हाल के दिनों में सुरक्षा चिंताओं और अवैध गतिविधियों की आशंका के मद्देनजर नेपाल सरकार ने सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। इस सख्ती का असर अब सीमा पार रोजाना आवाजाही करने वाले श्रमिकों, व्यापारियों और पर्यटकों पर भी दिख रहा है। पहले जहां सामान्य पूछताछ के बाद आसानी से प्रवेश मिल जाता था, वहीं अब कई स्थानों पर पहचान सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है।

सीमा क्षेत्र के निवासियों का कहना है कि बढ़ी हुई जांच के कारण आवाजाही में अधिक समय लग रहा है। रोजाना नेपाल जाकर काम करने वाले मजदूरों और छोटे व्यापारियों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई लोगों ने बताया कि जिनके पास तत्काल पहचान पत्र नहीं होता, उन्हें अतिरिक्त पूछताछ से गुजरना पड़ता है।
यह कदम नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह सरकार द्वारा राजधानी काठमांडू सहित संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देशों के क्रम में उठाया गया है। नेपाल प्रशासन के अनुसार, इसका उद्देश्य बिना पहचान के सीमा पार करने वालों, संदिग्ध गतिविधियों और अवैध कारोबार पर रोक लगाना है।

सीमा से जुड़े व्यापारियों ने चिंता व्यक्त की है कि लगातार बढ़ती जांच और नए नियमों का असर सीमा पार खरीदारी और छोटे व्यापार पर पड़ रहा है। भारतीय पर्यटकों ने भी जांच प्रक्रिया को सरल और व्यवस्थित बनाने की मांग की है, ताकि आम लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो।
रुपन्देही जिले के डीएसपी कृष्ण कुमार चंद ने बताया कि भारतीय नागरिकों की आईडी जांच पहले से ही की जाती रही है, लेकिन वर्तमान में सुरक्षा के मद्देनजर निगरानी और सख्त कर दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीमा पर जांच रैंडम तरीके से की जा रही है और सुरक्षा एजेंसियां पूरी सतर्कता बरत रही हैं।
