योगी सरकार अपना दूसरा कार्यकाल खत्म करने के एक साल पहले कल (रविवार को) दूसरी बार मंत्रिमंडल विस्तार करेगी। सीएम योगी शनिवार शाम राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से राजभवन में मुलाकात करेंगे। इस बार 5 से 6 नए मंत्री बनाए जाएंगे। वहीं, कुछ मंत्रियों की छुट्टी भ
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सपा से बगावत करने वाले विधायक मनोज पांडेय और पूजा पाल का मंत्री बनना लगभग तय है। इसके अलावा नाई समाज से एमएलसी रामचंद्र प्रधान, विश्वकर्मा समाज से वाराणसी के एमएलएसी हंसराज विश्वकर्मा को मंत्री बनाया जा सकता है।
जाट समाज से पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी या किसी अन्य युवा चेहरे को जगह मिल सकती है। ब्राह्मण समाज से पूर्व मंत्री श्रीकांत शर्मा, भाजपा के प्रदेश महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ला भी मंत्री पद की दौड़ में हैं। इनके अलावा कृष्णा पासवान को भी मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है।
इन 8 चेहरों में से 5-6 को मिलेगी जगह

दलित वर्ग से 1 या 2 मंत्री हो सकते हैं योगी सरकार में एक कैबिनेट मंत्री बेबीरानी मौर्य समेत कुल 8 मंत्री दलित वर्ग से हैं। यूपी विधानसभा में कुल 86 सीटें आरक्षित हैं। इनमें SC के लिए 84, जबकि ST के लिए 2 सीटें सुरक्षित की गई हैं। इनमें 67 दलित विधायक भाजपा के हैं।
दलितों की नाराजगी दूर करने के लिए भाजपा अंबेडकर जयंती पर हर विधानसभा क्षेत्र में कार्यक्रमों का आयोजन कर चुकी है। सरकार ने भी डॉ. बीआर अंबेडकर मूर्ति विकास योजना भी लागू की है। जानकारों का मानना है कि मंत्रिमंडल विस्तार में दलित वर्ग से एक-दो मंत्री बनाए जा सकते हैं।
महिलाओं के लिए मंत्रिमंडल में बनेगी जगह यूपी विधानसभा में 51 महिला विधायक हैं। इनमें भाजपा की 30, अपना दल (एस) की 4 और रालोद की 1 विधायक है। योगी सरकार में कुल 5 महिला मंत्री हैं। महिला आरक्षण लागू करने के लिए जरूरी संविधान संशोधन बिल संसद में पास नहीं हो सका।
भाजपा महिलाओं के बीच विपक्ष के खिलाफ इसे मुद्दा बना रही है। ऐसे में मंत्रिमंडल में महिला मंत्रियों की संख्या बढ़ाकर भाजपा संदेश देने की कोशिश कर सकती है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद भूपेंद्र चौधरी सुनील बंसल से मिलने पहुंचे थे। यह उस वक्त की तस्वीर है।
ब्राह्मणों की नाराजगी सबसे बड़ी चिंता, बन सकते हैं 2 मंत्री
शंकराचार्य विवाद, UGC के नए नियम, पुलिस भर्ती एग्जाम में ‘पंडित’ शब्द को लेकर विवादित प्रश्न जैसे मुद्दों के चलते ब्राह्मण समाज में नाराजगी का माहौल है। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा सरकार और संगठन की समन्वय बैठक में संघ के सह सरकार्यवाह अरुण कुमार ने ब्राह्मणों की नाराजगी दूर करने के लिए कहा था।
मंत्रिमंडल में अभी डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक समेत कुल 7 मंत्री ब्राह्मण हैं। पूर्व मंत्री जितिन प्रसाद के सांसद और केंद्र में मंत्री बनने के बाद योगी मंत्रिमंडल में ब्राह्मण कोटे की एक सीट खाली है। हालांकि, सूत्र बताते हैं कि मंत्रिमंडल विस्तार में दो ब्राह्मण चेहरों को मंत्री बनाया जा सकता है।
भूपेंद्र चौधरी मंत्रिमंडल में शामिल हो सकते हैं
पिछड़े वर्ग से डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, धर्मपाल सिंह, राकेश सचान, अनिल राजभर, दारा सिंह चौहान और चौधरी लक्ष्मी नारायण कैबिनेट मंत्री हैं।
सहयोगी दलों से कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल, ओमप्रकाश राजभर और संजय निषाद भी पिछड़े वर्ग से हैं। 5 राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार हैं और 6 राज्यमंत्री हैं। सूत्रों के मुताबिक, मंत्रिमंडल विस्तार में पिछड़े वर्ग से भी एक-दो मंत्री बनाए जाएंगे।
इनमें जाट समाज से आने वाले पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी प्रबल दावेदार हैं। चौधरी को 2022 में कैबिनेट मंत्री पद से इस्तीफा दिलवाकर प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था। वहीं, MLC रामचंद्र प्रधान भी मंत्री पद की दावेदारी भी मजबूत है।
सपा के बागी बन सकते हैं योगी सरकार में मंत्री
सपा से निकाले गए विधायक मनोज पांडेय और पूजा पाल को भाजपा मंत्री बना सकती है। मनोज पांडेय अवध और पूर्वांचल में बड़े ब्राह्मण नेता है। पार्टी का मानना है कि पांडेय को मंत्री बनाने से ब्राह्मणों में अच्छा संदेश जाएगा।
वहीं, कौशांबी विधायक पूजा पाल ने कौशांबी और प्रयागराज में अपराध के खिलाफ लंबी लड़ाई लड़ी है। माफिया अतीक अंसारी ने उनके भाई और पति की हत्या कराई थी। पूजा महिलाओं के साथ पिछड़े वर्ग को भी संदेश देने में कारगर साबित हो सकती हैं।

असीम अरुण और दयाशंकर सिंह का होगा प्रमोशन
मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान कुछ मंत्रियों का प्रमोशन भी हो सकता है। इनमें सबसे आगे समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण और परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह का नाम चल रहा है। इनके अलावा सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर, माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी और उद्यान राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह को भी कैबिनेट मंत्री भी बनाया जा सकता है।

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