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पीलीभीत के कलीनगर तहसील क्षेत्र के ग्राम बूंदीभूड में शराब की दुकान के विरोध में प्रदर्शन कर रही महिलाओं पर हुए लाठीचार्ज और पुलिस कार्रवाई को लेकर भाकपा माले ने कड़ा रुख अपनाया है। पार्टी के जिला प्रभारी अफरोज आलम और ब्लॉक सचिव देवीदयाल के दो सदस्यीय जांच दल ने शुक्रवार को गांव का दौरा किया। दल ने पीड़ित महिलाओं से मुलाकात कर उनके संघर्ष को समर्थन दिया।जांच दल ने बताया कि ग्रामीण महिलाएं बीते 15 अप्रैल से शराब की दुकान के खिलाफ शांतिपूर्ण धरना दे रही थीं। इस दौरान महिलाओं ने तीन बार (17, 20 और 24 अप्रैल) पीलीभीत जाकर जिलाधिकारी से दुकान का स्थान बदलने की गुहार लगाई थी।महिलाओं के अनुसार, जिलाधिकारी के आश्वासन के बावजूद, बीते दिन पुलिस और आबकारी विभाग की टीम ने जबरन दुकान खुलवाने का प्रयास किया। जब महिलाओं ने इसका विरोध किया, तो प्रशासन ने बल प्रयोग किया और उन पर लाठीचार्ज किया गया।माले नेता अफरोज आलम ने इस कार्रवाई को अत्यंत शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा कि तहसीलदार और पुरुष पुलिसकर्मियों द्वारा महिलाओं पर लाठीचार्ज किया गया, जिसमें 10 महिलाएं घायल हुईं। आरोप है कि घायल महिलाओं को न तो इलाज मिला और न ही उनकी बात सुनी गई।आलम ने आगे कहा कि अपनी सुरक्षा और सामाजिक शांति की मांग कर रही महिलाओं पर ही मुकदमा दर्ज कर उन्हें डराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने भाजपा सरकार के ‘महिला वंदन’ कार्यक्रम को केवल एक दिखावा करार दिया।भाकपा माले ने चेतावनी दी है कि वे महिलाओं पर हुए इस अत्याचार के खिलाफ चुप नहीं बैठेंगे। पार्टी ने बूंदीभूड गांव से शराब की दुकान को तुरंत हटाने, महिलाओं पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और लाठीचार्ज के जिम्मेदार अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है। इन मांगों को लेकर भाकपा माले का प्रतिनिधिमंडल अगले दिन पीलीभीत में जिलाधिकारी से मुलाकात करेगा।
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पीलीभीत में शराब दुकान विरोध पर महिलाओं पर लाठीचार्ज:भाकपा माले ने कहा- यह महिला वंदन की असलियत, 10 महिलाएं घायल