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अलीगढ़ में रमजान के पाक महीने के आखिरी जुमे यानी अलविदा नमाज को लेकर अलीगढ़ का प्रशासन अलर्ट पर है। शहर की संवेदनशीलता को देखते हुए विशेष रूप से कोतवाली जामा मस्जिद क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। पूरा इलाका किसी छावनी जैसा नजर आ रहा है। नमाज के दौरान शांति और सौहार्द बनाने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने सुबह से ही मोर्चा संभाल लिया है। जवानों ने किया फ्लैग मार्च सुरक्षा के इंतजामों को पुख्ता करने के लिए सड़क पर रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और पीएसी (PAC) के जवानों ने फ्लैग मार्च कर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। कोतवाली और जामा मस्जिद के आसपास के रास्तों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिसकर्मी आने-जाने वाले हर संदिग्ध व्यक्ति और वाहन की सघन चेकिंग कर रहे हैं। अधिकारियों ने निर्देश दिए हैं कि नमाज के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इमारतों से भी रखी जा रही नजर तकनीकी निगरानी की बात करें तो प्रशासन इस बार कोई जोखिम नहीं उठाना चाहता। सकरी गलियों और ऊंची इमारतों की छतों पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा है। ये ड्रोन चप्पे-चप्पे की लाइव फुटेज सीधे कंट्रोल रूम तक पहुंचा रहे हैं, जिससे शरारती तत्वों पर लगाम कसी जा सके। खुफिया तंत्र सक्रिय सीओ द्वितीय धनंजय सिंह ने कहा कि धर्मगुरुओं और प्रबुद्ध जनों के साथ पहले ही बैठक कर शांति की अपील की है। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ खुफिया तंत्र को भी सक्रिय कर दिया गया है। लोगों से भी आग्रह किया गया है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और आपसी भाईचारे के साथ त्योहार संपन्न करें।
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अलीगढ़ में छावनी में तब्दील हुई जामा मस्जिद:जुमे की नमाज पर भारी फोर्स तैनात, आसमान में ड्रोन का पहरा