वरुण कुमार शर्मा | मुजफ्फरनगर8 मिनट पहले
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मुजफ्फरनगर में राष्ट्रीय त्यागी भूमिहार ब्राह्मण समाज समिति के अध्यक्ष चौधरी मांगेराम त्यागी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। सोमवार शाम मीडिया से बातचीत में उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनाने में त्यागी, ब्राह्मण और भूमिहार समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, लेकिन सत्ता में आने के बाद इन समाजों को लगातार नज़रअंदाज़ किया गया।
मांगेराम त्यागी ने आरोप लगाया कि प्रदेश मंत्रिमंडल में त्यागी समाज को कोई प्रतिनिधित्व नहीं मिला है। इसके साथ ही, एमएलसी और अन्य राजनीतिक नियुक्तियों में भी समाज की उपेक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान इन वर्गों के वोट तो लिए जाते हैं, लेकिन भागीदारी देने के समय इन्हें दरकिनार कर दिया जाता है।
त्यागी ने चेतावनी दी कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में त्यागी, ब्राह्मण और भूमिहार समाज केवल उसी राजनीतिक दल का समर्थन करेगा, जो इन वर्गों को उचित सम्मान और राजनीतिक हिस्सेदारी प्रदान करेगा। उन्होंने दावा किया कि आगामी चुनाव में हिंदू-मुस्लिम जैसे मुद्दों का प्रभाव पहले जैसा नहीं रहेगा, और समाज अपने सम्मान के आधार पर निर्णय लेगा।
मांगेराम त्यागी ने यह भी बताया कि उनकी समिति पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 16 विधानसभा सीटों पर एक विशेष रणनीति के तहत कार्य कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि राजनीतिक दल समाज को उचित प्रतिनिधित्व नहीं देते हैं, तो इन सीटों पर समाज के युवाओं को चुनाव मैदान में उतारने पर भी विचार किया जाएगा।
इस दौरान, उन्होंने प्रदेश सरकार के मंत्री कपिल देव अग्रवाल पर भी निशाना साधा और उनकी संपत्ति में हुई कथित बढ़ोतरी की जांच की मांग की। त्यागी ने कहा कि यदि वर्तमान सरकार इस मामले की जांच नहीं कराती है, तो भविष्य में सत्ता परिवर्तन होने पर इसकी जांच कराई जाएगी।
चौधरी मांगेराम त्यागी के इस बयान के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नई बहस छिड़ गई है। राजनीतिक गलियारों में उनके इस बयान को 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
