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शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ दर्ज पाक्सो मामले के प्रथम सूचना दाता आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने वर्ष 2013 में उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा खोली गई अपनी हिस्ट्रीशीट को चुनौती देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।
उन्होंने पुलिस निगरानी रजिस्टर से अपना नाम हटाने की भी मांग की है। आशुतोष महाराज ने स्वयं अदालत में पेश होकर कहा कि उनके खिलाफ शामली जिले के कांधला थाने में हिस्ट्रीशीट खोली गई। याचिका में उनका कहना है कि जिन आपराधिक मामलों का हवाला देकर यह कार्रवाई की गई, उनमें कई मामलों में उन्हें ट्रायल के बाद बरी किया जा चुका है, कुछ मामलों की कार्यवाही स्थगित है। जबकि कई मामले धार्मिक संपत्ति से जुड़े दीवानी प्रकृति के हैं। यूपी सरकार से मांगा गया जवाब जस्टिस जे.जे. मुनीर और जस्टिस तरुण सक्सेना की खंडपीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार से जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया। इस मामले को अब 13 मई को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि अंतरिम राहत की मांग पर अगली तिथि पर विचार किया जाएगा।
आशुतोष महाराज स्वयं को श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट (पंजीकृत), मथुरा का अध्यक्ष बताते हैं और वे शाही ईदगाह–श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद से जुड़े मामलों में भी वादी हैं, जिनकी सुनवाई इलाहाबाद हाइकोर्ट में लंबित है। इसी आशुतोष महाराज के आवेदन पर प्रयागराज की स्पेशल पाक्सो कोर्ट ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और अन्य के खिलाफ कठोर पाक्सो कानून के तहत यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज करने का आदेश दिया था। अदालत के निर्देश के बाद आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
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आशुतोष महाराज हिस्ट्रीशीट रद्द कराने हाईकोर्ट पहुंचे:शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर दर्ज कराया है पाक्सो एक्ट में मुकदमा