सिर में चोट लगने से हुई लापता मरीज की मौत:अलीगढ़ के DDU अस्पताल में भर्ती टीबी मरीज का 31 घंटे तक नहीं चला पता


​अलीगढ़ के पंडित दीनदयाल संयुक्त चिकित्सालय (DDU) में भर्ती मरीज का शव करीब 31 घंटे बाद अस्पताल के पीछे मिलने से हड़कंप मच गया था। अस्पताल के वार्ड नंबर 8 से टीबी का मरीज रविवार तड़के रहस्यमय तरीके से लापता हो गया था। सोमवार सुबह मरीज का लहूलुहान शव मिला। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण सिर में गंभीर चोट, पसलियां टूटना और शरीर में खून का थक्का जमना आया है। मृतक की पहचान इगलास के गांव पड़ियावली निवासी 33 वर्षीय राधारमण के रूप में हुई है। ​सीसीटीवी में दिखा आखिरी मूवमेंट राधारमण पिछले डेढ़ साल से टीबी की गंभीर बीमारी से जूझ रहा था। उसकी हालत इतनी नाजुक थी कि 30 किलो वजन के साथ उसे बीती 1 मई को दीनदयाल अस्पताल के दूसरे माले पर स्थित वार्ड आठ में भर्ती कराया गया था। रविवार तड़के करीब 3:51 बजे अस्पताल के सीसीटीवी कैमरों में वह आखिरी बार गैलरी में अकेला टहलता हुआ रिकॉर्ड हुआ। इसके कुछ ही पलों बाद वह अचानक स्क्रीन से ओझल हो गया। जब सुबह उसके पिता देवेंद्र की आंख खुली, तो बिस्तर खाली देख उनके होश उड़ गए। काफी खोजबीन के बाद भी जब राधारमण का कुछ पता नहीं चला। इसके बाद थाना क्वार्सी पुलिस को गुमशुदगी की सूचना दी गई। ​सफाईकर्मियों ने देखा शव रविवार सुबह से लेकर सोमवार सुबह तक पुलिस और परिजन अस्पताल के कोने-कोने में राधारमण को तलाशने का दावा करते रहे, लेकिन किसी की भी नजर वार्ड के ठीक पीछे जमीन पर पड़े शव पर नहीं गई। सोमवार सुबह 11 बजे सफाईकर्मियों या राहगीरों ने शव को देखा तो इसकी जानकारी दी। अंदेशा जताया जा रहा है कि वह गैलरी से नीचे गिर गया था, लेकिन अस्पताल कर्मियों ने समय रहते आसपास चेकिंग करने की जहमत नहीं उठाई। सिर में चोट और पसलियां टूटने से हुई मौत अस्पताल परिसर में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं। कुछ लोग इसे आत्महत्या बता रहे हैं, तो कुछ का मानना है कि बीमारी की हताशा में मरीज ने यह कदम उठाया होगा। पुलिस और अस्पताल प्रशासन का प्रारंभिक अनुमान है कि राधारमण शायद चोरी-छिपे बीड़ी पीने या टहलने के बहाने गैलरी की तरफ गया होगा और शारीरिक कमजोरी के कारण संतुलन बिगड़ने से वह नीचे गिर गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने भी इस बात की पुष्टि की है कि ऊंचाई से गिरने के कारण सिर में गंभीर चोट और पसलियां टूटने से शरीर के अंदर खून का थक्का जम गया, जो मौत का मुख्य कारण बना। पोस्टमार्टम कराने से किया इंकार सीएमएस डॉ. एमके माथुर और इंस्पेक्टर क्वार्सी एसपी सिंह ने मौके का मुआयना किया। परिजन ने पहले शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया था। बाद में समझाने पर वह राजी हुए। सीएमएस का कहना है कि अस्पताल प्रशासन अपने स्तर पर भी जांच करा रहा है कि आखिर ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ को मरीज के गिरने की भनक क्यों नहीं लगी। फिलहाल पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया है।

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