मुजफ्फरनगर में आरक्षित भूमि विवाद, ग्रामीणों का प्रदर्शन:कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च कर हरिजन आबादी की जमीन बचाने की मांग


मुजफ्फरनगर में सोमवार को ग्राम तितावी के ग्रामीणों ने आरक्षित भूमि को बचाने की मांग को लेकर जिला कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च किया। उन्होंने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। यह विवाद चकबंदी प्रक्रिया के दौरान हरिजन समुदाय के लिए आरक्षित की गई भूमि से संबंधित है। ग्रामीणों के अनुसार, ग्राम में अंबेडकर पार्क, हरिजन आबादी और बारात घर के लिए गाटा संख्या 588 (0.2800 हेक्टेयर) भूमि पूर्व में सुरक्षित की गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि बाद में इस भूमि का आरक्षण नियमों के विरुद्ध समाप्त कर दिया गया। उनका कहना है कि इस आरक्षण के खिलाफ तय समय सीमा तक कोई आपत्ति दर्ज नहीं की गई थी, फिर भी चकबंदी अधिकारी द्वारा कथित मिलीभगत से इसे निरस्त कर दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि गांव का एक व्यक्ति राजनीतिक दबाव का उपयोग कर इस भूमि पर कब्जा करना चाहता है। उन्होंने चकबंदी प्रक्रिया के दुरुपयोग और संबंधित अधिकारियों की भूमिका को संदिग्ध बताया, निष्पक्ष जांच की मांग की।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपकर मांग की कि गाटा संख्या 588 को पुनः अंबेडकर पार्क, हरिजन आबादी और बारात घर के लिए सुरक्षित घोषित किया जाए। उन्होंने नियमों के विरुद्ध कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की। यह ज्ञापन जिलाधिकारी उमेश कुमार मिश्रा को सौंपा गया, जिसमें पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई का अनुरोध किया गया है।

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