किसान फूल मंडी का पूर्व संचालक गिरफ्तार:नगर निगम के नायब तहसीलदार ने दर्ज कराया था मुकदमा, अवैध धन उगाही की मिली थी शिकायत


वाराणसी के मलदहिया स्थित किसान फूल मंडी के पूर्व संचालक विशाल दुबे को सिगरा पुलिस ने शनिवार रात गिरफ्तार कर लिया। उक्त कार्रवाई नगर निगम के नायब तहसीलदार शेषनाथ की तहरीर पर की गई है। विशाल दुबे का एग्रीमेंट नगर निगम समाप्त कर 19 जनवरी 2026 को किसान फूल मंडी अवैध कब्जा मुक्त करवाते हुए तालाबन्दी की थी। उसके बाद नगर निगम ने कुछ दिन बाद फूल विक्रेताओं को उसमे जगह देकर मंडी शरू कराई थी। पर अक्सर पूर्व संचालक विशाल दुबे मनमानी और धन उगाही कर रहा था। पूर्व में भी 14 फरवरी को विशाल के खिलाफ धन उगाही में मुकदमा दर्ज किया गया था। 13 अप्रैल को भी मंडी के दुकानदारों ने नगर निगम में इस बात की शिकायत की थी। जिसकी जांच के बाद यह कार्रवाई हुई है। जबरदस्ती धन उगाही की मिली थी शिकायत पुलिस को दी गई तहरीर में नायब तहसीलदार शेषनाथ ने बताया – 13 अप्रैल को नगर निगम के कार्यालय में उपस्थित होकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद्, स्वदेशी जागरण मंच के अशोक कुमार सिंह ने एक प्रार्थना पत्र दिया था। जिसमें उन्होंने शिकायत की थी कि नगर निगम की संपत्ति मलदहिया फूल मंडी में पूर्व संचालक विशाल दुबे अपने साथियों के साथ फूल विक्रेताओं से जबरदस्ती धन की उगाही कर रहा है। गरीब किसानों से वह फूल बेचने को लेकर मंडी में धन उगाही पर आमादा है। 100 रुपए से 500 रुपए प्रतिदिन की उगाही अशोक कुमार ने नगर निगम को बताया – विशाल दुबे मंडी में अंदर दुकान लगाने वालों से 100 रुपए, फुटपाथ पर दुकान लगाने वालों से 50 रुपए और बंगाल से फूल कर आने वालों से 500 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से पैसे ले रहा है। जबकि नगर निगम ने किसी भी तरह की उगाही पर प्रतिबन्ध लगा रखा है। नगर निगम की संपत्ति पर कब्जा कर वसूली शेषनाथ ने पुलिस को बताया – शिकायतकर्ता के अनुसार नगर निगम की संपत्ति एस 21/112-के-1 मलदहिया किसान फूलमंडी में विशाल दुबे काउंटर लगाकर बैठ रहा है और धन वसूली कर रहा है। इसपर पुलिस से शिकायत की गई। पुलिस ने तीन नामजद पर दर्ज की एफआईआर, विशाल दुबे गिरफ्तार इस संबंध में थाना प्रभारी संजय मिश्रा ने बताया – किसान फूल मंडी को लेकर नगर निगम के नायब तहसीलदार ने मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर दी थी। इसपर सिगरा थाने में बीएनएस की धारा 346, 308(2), 324(4), 351(2) और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम 1984 की धारा 3 और 4 में मुकदमा पंजीकृत किया गया था। जिसमें विशाल दुबे, फिरोज और एक अज्ञात पर मुकदमा दर्ज कर शनिवार की रात विशाल दुबे को गिरफ्तार किया गया है। अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। अब जानिए कब खाली कराई गयी किसान फूल मंडी, मलदहिया … 14 जनवरी और 19 जनवरी को कराई कब्जा मुक्त नगर निगम के नायब तहसीलदार शेषनाथ ने बताया – भवन संख्या-एस. 21/112-क-1 फूलमण्डी, मलदहिया नगर निगम वाराणसी के प्रबंधन में तथा रक्षा सम्पदा, भारत सरकार के स्वामित्व में है। 14 और 19 जनवरी 2026 को नगर निगम वाराणसी, पुलिस प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए विशाल दूबे तथा उनके परिवार का एवं सहयोगियों का कब्जा हटाकर फूलमाला का व्यापार करने वाले किसानों को निःशुल्क प्रदान किया गया। बिल्डिंग पर नगर निगम वाराणसी लिखवाकर पेन्ट कराया गया तथा आगे के कमरे को सील किया गया तथा हाल को फूलमाला का व्यापार करने वाले किसानों के लिए खुला रखा गया। जिसमें प्रतिदिन किसान फूलमण्डी, मलदहिया में आकर अपने फूलमाला का व्यापार करते है। नगर निगम नहीं लेता कोई भी शुल्क नायब तहसीलदार ने बताया – नगर निगम वाराणसी द्वारा किसानों से कोई शुल्क आदि नहीं लिया जाता है। यह किसानों को अपना व्यापार करने के लिए निःशुल्क नगर निगम वाराणसी द्वारा प्रदान किया गया है। शिकायत प्राप्त होने पर प्रकरण की जांच करायी गयी। जिसमें पाया गया कि विशाल दूबे एवं उनके सहयोगी फिरोज आदि, जो बंगाल, बिहार के निवासी है, इनके द्वारा नगर निगम वाराणसी के सील को तोड़ दिया गया तथा बिल्डिंग पर जहां नगर निगम वाराणसी लिखा था, उसे मिटवा दिया गया एवं पुनः इनके द्वारा किसानों को डरा धमका कर अवैध धन उगाही की जा रही है।

14 फरवरी को भी दर्ज हुआ था अवैध उगाही का मुकदमा नायब तहसीलदार ने बताया – नगर निगम प्रवर्तन दल, अपर नगर आयुक्त के साथ हमने उसी दिन रात 7 बजे के बाद फूलमंडी पर छापेमारी की तो विशाल दुबे और उसके साथी फूल मंडी के गेट पर वसूली करते हुए दिखाई दिए। इसपर उन्हें वहां से हटने को कहा गया। लेकिन वो गाली गलौज और धक्का मुक्की करने लगे। जिससे वहां अफरा तफरी का माहौल हो गया। इसके बाद थाने में तहरीर दी गई थी। पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा नायब तहसीलदार शेषनाथ की तहरीर पर सिगरा पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था । थाना प्रभारी संजय मिश्रा ने बताया – विशाल दुबे के खिलाफ नगर निगम के नायब तहसीलदार की तहरीर पर बीएनएस की धारा – 221, 352 और 115(2) में मुकदमा दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई की जा रही थी।

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