ट्रॉमा सेंटर में मरीज की मौत पर होगी जांच:लखनऊ में बेड नहीं मिलने के आरोप का डिप्टी सीएम ने लिया संज्ञान, तीन दिनों में मांगी रिपोर्ट


किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) के ट्रॉमा सेंटर में बुजुर्ग मरीज की मौत और सिर में चोट लगे युवक को बेड न मिलने के मामले को डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने गंभीरता से लिया है। सोशल मीडिया में वायरल दोनों वीडियो की जांच कराने का फैसला लिया गया है। इस संबंध में डिप्टी सीएम ने कुलपति को पत्र लिखकर मामले की जांच के आदेश दिए हैं। तीन दिन में जांच पूरी करनी होगी। मशीन में गैस नहीं होने से मरीज की मौत हरदोई के संडीला निवासी राजकुमार गुप्ता (60 वर्ष) को सांस लेने में तकलीफ थी। परिजन बुजुर्ग मरीज को गंभीर अवस्था में लेकर केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में पहुंचे थे। परिजनों के अनुसार इमरजेंसी में मरीज को भर्ती कराया था। मरीज को सांस लेने में तकलीफ थी। लिहाजा डॉक्टरों ने ऑक्सीजन लगाई थी। परिजनों का कहना था कि बलगम अधिक होने की वजह से मरीज को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। सक्शन मशीन से बलगम बाहर निकालने के लिए कहा गया। आरोप है कि सक्शन मशीन में गैस नहीं थीं। इसकी वजह से मरीज की मौत हो गई। इस संबंध में परिजनों ने वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया में वायरल कर दिया। तीन दिनों में डिप्टी सीएम ने मांगी रिपोर्ट वायरल वीडियो का डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने संज्ञान लेते हुए कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद को प्रकरण की जांच कर लापरवाह लोगों पर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए जारी किए हैं। तीन दिन के भीतर जांच पूरी करनी होगी। उन्होंने कहा कि मरीजों की सेवा में किसी भी प्रकार की लापरवाही एवं अव्यवस्था क्षम्य नहीं है। स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही एवं शिथिलता बरतने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसा करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी। यह है पहला मामला केजीएमयू ट्राॅमा सेंटर में बृहस्पतिवार रात एक मरीज की मौत के बाद से गुस्साए परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाकर हाथापाई की। इससे वहां अफरातफरी मच गई। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति संभाली। संस्थान के चीफ प्राॅक्टर डॉ. आरएस कुशवाहा ने केस दर्ज करने के लिए पुलिस को तहरीर दी है। हरदोई के संडीला निवासी राजकुमार गुप्ता (60) की मौत के बाद अस्पताल में हंगामा हुआ था। यह है दूसरा मामला हेड इंजरी का रोगी शुभम मिश्रा, ट्रामा सेंटर में 30 अप्रैल को आए थे। रोगी को वेंटीलेटर की आवश्यकता थी। उन्हें न्यूरोसर्जरी में भर्ती कर दिया गया। लेकिन सही उपचार नहीं मिलने का आरोप लगाकर परिजनों ने वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया। इसके बाद केजीएमयू की तरफ से कहा गया कि उसकी सेवा और इलाज में कोई कमी नहीं की गई। रोगी को स्वास्थ्य लाभ हो रहा है। उसे सामान्य शैय्या पर शिफ्ट कर न्यूरोसर्जरी विभाग में ही इलाज चल रहा है।

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