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प्रयागराज में मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. संतोष सिंह और उनकी पत्नी इलाक्षी शुक्ला पर FIR दर्ज की गई है। यह एफआईआर डॉ. मनीष कुमार केसरी ने दर्ज कराई है जो डॉक्टर की पत्नी के बिजनेस पार्टनर हैं। आरोप है कि पति-पत्नी ने अनर्गल दबाव बनाया और न मानने पर यौन शोषण के झूठे केस में फंसाने को धमकाया। अस्पताल में घुसकर गालीगलौज की। उधर डॉ. संतोष ने आरोपों को गलत बताते हुए कहा है कि पत्नी से अभद्रता के विरोध पर उन पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। क्या लिखा तहरीर में
सिविल लाइंस के रहने वाले डॉ. मनीष ने पुलिस को बताया, मैं सिविल लाइंस के एक्युरा क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल के तीन निदेशकों में से एक हूं। दो अन्य निदेशकों में से एक इलाक्षी शुक्ला के पति डॉ. संतोष सिंह स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय के सर्जरी विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर हैं। इलाक्षी ने पूर्व में अनेकों बार दबाव बनाया कि मैं डॉ. संतोष को अस्पताल में प्राइवेट प्रैक्टिस करने दूं। सरकारी डॉक्टर के प्राइवेट अस्पताल में सेवाएं देने पर रोक का हवाला देकर मना करने पर डॉ. संतोष व उनकी पत्नी इलाक्षी से मेरा मनमुटाव हुआ। रिश्तेदार को रखने का बनाया दबाव
मनीष ने आरोप लगाया, उनके अस्पताल में डॉ. संतोष की एक रिश्तेदार स्टाफ नर्स थी, आईसीयू में आपत्तिजनक कृत्य पर उसे नौकरी से निकाल दिया गया था। डॉ. व उनकी पत्नी लगातार उसे वापस काम पर रखने का दबाव बना रहे थे। मना करने पर यौन शोषण की झूठी रिपोर्ट लिखवाने की धमकी दी। 27 अप्रैल को अस्पताल में अनाधिकृत रूप से मरीज देखते मिलने पर आपत्ति करने पर डॉ. संतोष ने गालीगलौज कर जान से मारने की धमकी दी। अस्पताल के रिसेप्शनिस्ट विक्रम से अस्पताल में प्राप्त हुई समस्त नकदी भी ले गए।
28 अप्रैल को सुबह करीब 11:30 बजे इलाक्षी शुक्ला 10-12 असामजिक तत्वों के साथ आईं। उनके साथ आए लोग बम, असलहों से लैस थे जिन्होंने मुझे जान से मारने की धमकी दी। डॉ. मनीष ने यह भी कहा कि घटना का फुटेज उनके पास मौजूद है और उनकी जान को खतरा है। झूठे केस में फंसाने का भी डर है। सिविल लाइंस एसीपी विद्युत गोयल ने बताया कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया गया है। आरोपों के संबंध में जांच कराई जा रही है। डॉ. संतोष बोले- अस्पताल से कोई संबंध नहीं
इस मामले में डॉ. संतोष का कहना है कि उनका अस्पताल से कोई संबंध नहीं है और जो भी आरोप लगाए गए हैं, वह गलत हैं। उन्होंने बताया, मेरी पत्नी इस अस्पताल की निदेशक तब से हैं जब मैं एसआरएन अस्पताल में संविदा पर तैनात था। 21 अप्रैल से मेरी सगी बहन अस्पताल में भर्ती हैं। बहन को देखने के लिए मैं पत्नी के साथ अस्पताल गया था। इसी दौरान डॉ. मनीष, जो अस्पताल के निदेशक पद से चार अप्रैल को ही हटाए जा चुके हैं, ने मेरी पत्नी से अभद्रता की। विरोध पर मुझसे गालीगलौज की और जान से मारने की धमकी दी। मैंने इस मामले की लिखित शिकायत गृह सचिव को भेजी जिसमें अपनी जान को खतरा बताया। इस पर एलआईयू के एक इंस्पेक्टर ने मेरा बयान भी दर्ज किया।
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मेडिकल कॉलेज के सर्जन पर पत्नी समेत FIR:प्रयागराज में बिजनेस पार्टनर डॉक्टर बोले, फर्जी केस में फंसाने को धमकाया