![]()
संतकबीरनगर जनपद में बुधवार शाम मौसम ने अचानक करवट ली। कुछ ही मिनटों में पूरा इलाका धूल भरी आंधी, तेज बारिश और ओलावृष्टि की चपेट में आ गया। शाम करीब 4 बजे के बाद आसमान पर घने धूल के बादल छा गए, जिससे दिन में ही रात जैसा अंधेरा हो गया। तेज हवाओं के साथ उठे धूल के गुबार ने सड़कों पर दृश्यता बेहद कम कर दी, जिससे लोगों की आवाजाही थम गई। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ टूटकर सड़कों पर गिर गए, जबकि टीनशेड और अस्थायी ढांचे भी उड़ गए। बाजारों और मुख्य मार्गों पर लोगों में हलचल मच गई। धूल भरी आंधी के कारण राहगीरों को आंखें खुली रखना मुश्किल हो गया और उन्हें दुकानों व मकानों में शरण लेनी पड़ी।
यातायात व्यवस्था सर्वाधिक प्रभावित हुई। तेज धूल और कम दृश्यता के कारण दुपहिया वाहन चालक, ई-रिक्शा संचालक और पैदल यात्री सड़क किनारे रुकने को मजबूर हो गए। कई जगहों पर वाहन चालकों ने सुरक्षा के लिए अपने वाहन रोक दिए। अचानक बदले मौसम से शहर और ग्रामीण इलाकों में जनजीवन कुछ समय के लिए पूरी तरह ठप हो गया।
आंधी के बाद शुरू हुई तेज बारिश ने तापमान में गिरावट दर्ज कराई, जिससे भीषण गर्मी से राहत मिली। इसी दौरान आसमान से ओले गिरने लगे, जिससे मौसम में और बदलाव आया। ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में किसान इस मौसमी बदलाव से चिंतित दिखे। करीब एक घंटे बाद आंधी की तीव्रता कम होने पर आसमान धीरे-धीरे साफ हुआ और हल्की बूंदाबांदी जारी रही। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
Source link
संतकबीरनगर में आंधी-बारिश:दिन में ही छाया अंधेरा, ओले गिरे; जनजीवन अस्त- व्यस्त