![]()
आगरा के हरीपर्वत स्थित मानसिक स्वास्थ्य संस्थान एवं चिकित्सालय में रविवार रात MD की छात्रा हॉस्टल के कमरे में मृत मिली। लखनऊ की 28 साल की वर्तिका ने 22 फरवरी को MD साइको फर्स्ट ईयर में एडमिशन लिया था। रविवार को मां ने कई बार कॉल किया, लेकिन वर्तिका ने फोन रिसीव नहीं किया। चिंता होने पर शाम 5:28 बजे मां ने सहपाठी सिद्धार्थ शर्मा को कॉल कर कमरे में देखने भेजा। कमरा अंदर से बंद मिला। सूचना पर संस्थान प्रबंधन पहुंचा। दरवाजा तोड़कर अंदर गए तो वर्तिका बेड पर अचेत पड़ी थी। एसएन मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। वर्तिका ने फरवरी में एक सीनियर रेजिडेंट पर अभद्रता का आरोप लगाया था। संस्थान ने कमेटी से जांच कराई, लेकिन आरोप सिद्ध नहीं हुए। तभी से छात्रा तनाव में बताई जा रही थी।डीसीपी सिटी सैय्यद अली अब्बास ने बताया कि प्रथमदृष्टया नींद की गोलियों की ओवरडोज से आत्महत्या की आशंका है। कमरे को सील कर दिया गया है। फील्ड यूनिट ने जांच की। डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पुलिस ने परिजनों को सूचना दे दी है। लखनऊ से परिजन आगरा के लिए निकल गए हैं। सोमवार सुबह पोस्टमार्टम होगा। हरीपर्वत पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जांच में नहीं हुई थी आरोपों की पुष्टि
संस्थान के निदेशक डॉ. दिनेश राठौर ने बताया कि फरवरी में छात्रा ने गाजियाबाद के रहने वाले सीनियर रेजिडेंट डॉ. सार्थक पर अभद्रता का आरोप लगाया था। दोनों फरवरी में साथ में कहीं गए थे। इसके बाद छात्रा ने शिकायत की थी। मामले में तीन डॉक्टरों की कमेटी का गठन किया गया था। कमेटी ने बयान दर्ज किए थे। जांच में अभद्रता के आरोपों की पुष्टि नहीं हुई थी। इसमें आरोप साबित नहीं हुए थे। छात्रा तब से तनाव में थी। 27 मार्च को भी जान देने का प्रयास किया था। तब नींद की गोलियों की ओवरडोज ले ली थी। अस्पताल में हालत में सुधार हुआ था। उसे परिजन लेकर चले गए थे। तीन दिन पहले फिर से आई थी। उसका मनोचिकित्सक से उपचार भी चल रहा था। उसे आत्महत्या संबंधी विचार भी आया करते थे। इसलिए परिजन उसका ख्याल रख रहे थे। आखिर तनाव में क्यों है छात्रा?
छात्रा की मौत के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। वह इतनी तनाव में क्यों आ गई? उसे आत्महत्या क्यों करनी पड़ी। चर्चा है कि वह शिकायत करने के बाद से ही तनाव में थी। पुलिस का कहना है कि छात्रा के परिजन से पूछताछ की जाएगी। छात्रा के कमरे में देखा जाएगा कि कोई सुसाइड नोट तो छोड़ा नहीं है। आशंका यह भी है कि उसने आत्महत्या से पहले कोई वीडियो या पोस्ट परिजन को किया होगा। इसके बाद ही मां ने कॉल किया होगा। पुलिस मोबाइल को कब्जे में लेकर जांच करेगी। वहीं कॉल डिटेल भी निकाली जा रही है। यह देखा जा रहा है कि उसने सीनियर रेजिडेंट की शिकायत कहां-कहां की। कमेटी ने क्या किया? अगर सुसाइड नोट सामने आता है तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम बनाई निदेशक डॉ. दिनेश राठौर ने बताया कि घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम बनाई गई हैं, जिसमें डॉ. बृजेश कुमार, डॉ. चंचल चंद्रा और डॉ. सुमित्रा मिश्रा शामिल हैं। कमेटी पूरे प्रकरण की जांच करेगी। इसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी
Source link
मेंटल हॉस्पिटल के हॉस्टल में MD छात्रा का सुसाइड:कमरे में बेड पर मिली डेडबॉडी,सीनियर रेजिडेंट के साथ चल रहा था विवाद