सुल्तानपुर में 'जश्न-ए-वारिस पाक' का 32वां आयोजन:सांप्रदायिक सौहार्द का दिया संदेश, मद्रास हाईकोर्ट के जस्टिस शमीम अहमद भी हुए शामिल


सुल्तानपुर जिले में ‘जश्न-ए-वारिस पाक’ का 32वां आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम क्षेत्र में शांति और आपसी भाईचारे का प्रतीक बन गया है। कार्यक्रम के आयोजक मोबीन अहमद उर्फ लड्डन बाबा ने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य सरकार देवा शरीफ वारिस अली शाह रहमतुल्लाह अलैह के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाना है। यह आयोजन शहर के खुर्शीद क्लब मैदान में संपन्न हुआ। इसमें शमीम अनवर इंटरनेशनल आर्टिस्ट कव्वाल और मेरठ के वारिस साबरी इंटरनेशनल कव्वाल ने अपनी कव्वाली प्रस्तुत की। मद्रास हाईकोर्ट के जस्टिस शमीम अहमद मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। लड्डन बाबा ने बताया कि सरकार वारिस अली शाह का बचपन से ही लोगों से मोहब्बत करने, एकजुटता कायम करने और समाज को जोड़ने का संदेश रहा है। वे समानता की सीख देते थे। लड्डन बाबा ने देशवासियों के लिए एक विशेष संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में नफरत को खत्म कर मोहब्बत बांटने की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने देश की तरक्की के लिए दुआएं कीं। पिछले 32 वर्षों से लगातार आयोजित हो रहे इस कार्यक्रम में सभी धर्मों और समुदायों के लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। लड्डन बाबा ने इसकी सफलता का श्रेय जनता के सहयोग और मीडिया के समर्थन को दिया। इस अवसर पर आम आदमी पार्टी के नेता अख्तर राइन भी पहुंचे। उन्होंने इस आयोजन को जिले की एकता और मोहब्बत का सबसे बड़ा केंद्र बताया। राइन ने कहा कि लड्डन बाबा द्वारा शुरू किया गया यह सिलसिला 32वें साल में प्रवेश कर चुका है। राइन ने जोर देकर कहा कि यह आयोजन सिर्फ एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सुल्तानपुर की साझी संस्कृति का प्रतीक है। इसमें हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सभी समुदायों के लोग एक साथ मिलकर जश्न मनाते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश के मंत्री, विधायक और जिले के बड़े प्रशासनिक अधिकारी भी समय-समय पर इसमें शामिल होते रहे हैं। कार्यक्रम में सिराज अहमद भोला, गुलाम मोईनुद्दीन, खुर्शीद अहमद जैसे लोग भी उपस्थित थे।

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