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रामपुर में नहरों में पानी न छोड़े जाने से नाराज किसानों ने शनिवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। भारतीय किसान यूनियन अंबावता के सैकड़ों कार्यकर्ता दोपहर करीब 1 बजे कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे और पार्क में पंचायत आयोजित की। किसानों ने सूखी पड़ी नहरों को मुख्य मुद्दा बताया, जिससे फसलें संकट में हैं। किसानों ने आरोप लगाया कि सिंचाई विभाग नहरों की सफाई के नाम पर बजट खर्च करता है, लेकिन जमीनी स्तर पर नहरें सूखी पड़ी हैं। खेतों तक पानी नहीं पहुंच रहा है, जिससे मक्का, गन्ना और मेंथा जैसी फसलें खराब होने की कगार पर हैं। किसानों को इससे भारी आर्थिक नुकसान की आशंका है। किसानों ने चेतावनी दी कि नहरों में पानी की आपूर्ति न होने से उनकी आजीविका प्रभावित हो रही है। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। पंचायत में कर्ज माफी, मुफ्त बिजली और गन्ना मूल्य बढ़ाने जैसे अन्य मुद्दे भी उठाए गए, लेकिन नहरों में पानी की समस्या प्रमुख रही।
पंचायत के बाद, जिला अध्यक्ष मोहम्मद सलीम वारसी के नेतृत्व में किसानों ने नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट की सीढ़ियों तक मार्च किया। प्रदर्शनकारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट को सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। इसमें नहरों में तुरंत पानी छोड़े जाने की मुख्य मांग शामिल थी। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो संबंधित विभागों के खिलाफ बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। किसानों ने अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया और कहा कि वे अपने हक के लिए संघर्ष जारी रखेंगे। उन्होंने जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और तेज करने की बात कही।
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नहरों में पानी की मांग पर किसानों का हंगामा:रामपुर कलेक्ट्रेट पर किसान यूनियन अंबावता ने सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपा