Sultanpur Jai Shri Ram Slogans Case: Congress Meets DM-SP

सुलतानपुर2 मिनट पहले

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सुलतानपुर में युवकों से मारपीट, नकदी-मशीन लूटने और जबरन ‘जय श्री राम’ के नारे लगवाने का मामला गरमा गया है। इस मामले में कांग्रेसियों ने सोमवार को पीड़ित के साथ जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की। उनका आरोप है कि चांदा पुलिस ने मूल तहरीर बदलकर हल्की धाराओं में केस दर्ज किया और नामजद आरोपियों को बचाया।

प्रतापगढ़ के आसपुर देवसरा निवासी आफताब आलम ने डीएम को दिए शिकायती पत्र में बताया कि वे अपने रिश्तेदार जीशान के साथ सुलतानपुर के दोस्तपुर से ढकवा बाजार जा रहे थे। रास्ते में कमल, चंदन, सूरज राजा और तीन अज्ञात सहित कुछ लोगों ने उन्हें रोक लिया। पीड़ितों का आरोप है कि इन लोगों ने उनके साथ गाली-गलौज और गंभीर मारपीट की, साथ ही जबरन ‘जय श्री राम’ का नारा लगाने का दबाव बनाया। विरोध करने पर रिश्तेदारों के साथ भी मारपीट की गई।

आफताब आलम ने यह भी आरोप लगाया कि हमलावरों ने उनसे 25,000 रुपये नकद और एक ड्रिल मशीन छीन ली। घटना का वीडियो भी बनाया गया और उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। डर और अस्वस्थता के कारण पीड़ित तुरंत थाने नहीं पहुंच सका। बाद में, जब घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तो पीड़ित ने हिम्मत जुटाकर 11 जून को चांदा थाने में शिकायत दर्ज कराई।

पीड़ित आफताब आलम का आरोप है कि पुलिस ने उसकी शिकायत पर ध्यान नहीं दिया। थाने में उसकी मूल तहरीर को दरकिनार कर पुलिस ने अपनी मर्जी से तैयार की गई एक तहरीर पर उसके हस्ताक्षर करवा लिए।

पीड़ित के अनुसार, एफआईआर में मुख्य आरोपियों के नाम बदल दिए गए, कुछ नाम हटा दिए गए और लूटपाट व धार्मिक उत्पीड़न के आरोपों को पूरी तरह छिपा दिया गया। यह भी आरोप है कि पुलिस ने पीड़ित को गाड़ी में बैठाकर मनमुताबिक बयान देने के लिए दबाव बनाया।

आफताब आलम ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। वीडियो को साक्ष्य मानकर एफआईआर में सही और संगीन धाराएं बढ़ाई जाएं और जिन दोषियों के नाम पुलिस ने छोड़ दिए हैं, उन्हें भी मुकदमे में शामिल कर कानूनी कार्रवाई की जाए।

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