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उत्तर प्रदेश के मंत्री, जलशक्ति विभाग स्वतंत्र देव सिंह की अध्यक्षता में एक बैठक हुई। जिसमें वृंदावन स्थित घाटों का विस्तार, नवीनीकरण एवं सौंदर्यीकरण की परियोजना, मथुरा स्थित घाट और वृंदावन स्थित हरगूलाल गूल आदि कार्य परियोजनाओं की समीक्षा की गयी। मंत्री ने संबंधित विभागों के अधिकारियों से कार्य प्रगति की जानकारी भी ली। NGT ने लगाई थी रोक वृंदावन स्थित नदी घाटों के विस्तार एवं सौंदर्यीकरण परियोजना की समीक्षा में संज्ञान में आया कि वृन्दावन में केसी घाट से जुगल किशोर घाट तक यमुना के किनारे विभिन्न घाटों के निर्माण हेतु सिंचाई विभाग द्वारा परियोजना लाई गई थी। यू.पी.पी.सी.एल., मथुरा द्वारा कार्य कराये जाने के दौरान वर्ष 2019 में एन.जी.टी. से प्रतिबंध लग जाने के कारण काम 2019 से 2024 तक की अवधि में बन्द रहा। 14 अगस्त 2024 को एन.जी.टी. ने इस प्रतिबंध को हटा दिया। 2 वर्ष तक लटका रहा काम रोक हटने के बाद पुनः कार्य प्रारम्भ कराया जाना था, लेकिन सिंचाई विभाग और यू.पी. पी.सी.एल. के बीच वर्तमान दरों के सम्बंध में असमंजस की स्थिति बनी रही और लगभग दो वर्ष तक यह परियोजना अधर में लटकी रही। जिसके कारण वृन्दावन में घाटों के निर्माण का कार्य जनवरी 2026 में प्रारम्भ हो सका। विगत दो वर्ष तक परियोजना में अनावश्यक विलम्ब करने पर मंत्री स्वतंत्र देव सिंह द्वारा नाराजगी व्यक्त की गयी। बारिश से पहले पूरा हो काम वर्तमान में इस परियोजना के अन्तर्गत सिर्फ एक ही घाट पर काम किया जा रहा है। अप्रैल 2026 तक कार्य की भौतिक प्रगति मात्र 5 प्रतिशत है। मंत्री स्वतंत्र देव सिंह द्वारा कार्य की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की गयी और संबंधित अधिकारियों पर फटकार लगाते हुए चेतावनी दी गई कि कार्यदायी संस्था सभी साइट पर अधिकतम श्रमिक व मशीनी उपकरण लगाकर बारिश आने से पहले कार्य को पूरा करे। अधिकारियों पर भड़के मंत्री बैठक में मथुरा के द्वारिकाधीश मंदिर के पास विश्राम घाट पर 700 रनिंग मीटर पुराने घाट की मरम्मत एवं 210 रनिंग मीटर नए घाट के निर्माण कार्य की समीक्षा की गयी। वर्तमान में कार्य की भौतिक प्रगति सिर्फ 10 प्रतिशत है। अक्रूर घाट विकास की परियोजना की समीक्षा में पता चला कि परियोजना लागत की धनराशि से स्वीकृत कर रू 317.00 लाख रूपये प्रथम किश्त के रूप में कार्यदायी संस्था सिंचाई विभाग को मिल गए है,लेकिन इसके बाबजूद अभी तक टैण्डर प्रकिया भी पूरी नहीं की गई है। परियोजना कार्यों में धीमी प्रगति एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों की कार्यशैली पर मंत्री स्वतंत्र देव द्वारा कड़ी नाराजगी व्यक्त की गयी। मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने मण्डल आयुक्त को निर्देश दिए कि सभी कामों में बरती जा रही भारी लापरवाही को लेकर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर भेजें। वृंदावन माइनर हो पुनर्स्थापित बैठक में कमिश्नर आगरा मंडल नागेन्द्र प्रताप ने बताया कि वृन्दावन में वृन्दावन माइनर और हरगूलाल गूल नाम की सिंचाई चैनल हुआ करती थी, जिससे कि पानी की आपूर्ति बाँके बिहारी बगीची, रंगजी की बगीची और अन्य कुण्डों को हुआ करती थी। लेकिन शहरीकरण के कारण इन गूल,माइनर में पानी आना बन्द हो गया। इनकी पुनस्थापना हेतु उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद, मथुरा द्वारा डी.पी.आर. बनवाई गई परन्तु डी.पी.आर. निरूपण के बाद अग्रिम कार्यवाही नहीं हो सकी। वृन्दावन माइनर और गूल की पुनस्थापना कर वृन्दावन में बगीचिओं और कुण्डों में जलापूर्ति सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। इस पर मंत्री स्वतंत्र देव सिंह द्वारा सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता एवं अधिशासी अभियंता को निर्देश दिए गये कि मथुरा-वृन्दावन में इन पुरानी माइनरों और गूलों को पुर्नस्थपित करने के लिए विस्तृत सर्वेक्षण कर परियोजना बनाई जाए।
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मथुरा में जल शक्ति मंत्री ने की बैठक:घाटों के विस्तार, नवीनीकरण एवं सौन्दर्यीकरण कार्य की धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी, लापरवाही बरतने पर अधिकारियों को लगायी फटकार