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लखनऊ में जासूसी की दुनिया और उससे संबंधित कानूनों पर एक विशेष सत्र आयोजित किया गया। फिक्की फ्लो लखनऊ ने होटल क्लार्क अवध में ‘डिटेक्टिव डायरीज़ – जासूसी के पीछे का कानून’ विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें महिलाओं की भूमिका और उनके अधिकारों पर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता महिला जासूस तान्या पुरी थीं, जो ‘लेडी डिटेक्टिव्स इंडिया’ की सीईओ हैं। उन्होंने पुरुष-प्रधान इस पेशे में अपनी पहचान बनाई है। तान्या पुरी ने शादी से पहले और बाद की जांच से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। डिजिटल युग में बढ़ती चिंताओं पर भी प्रमुखता से चर्चा सत्र की शुरुआत फिक्की फ्लो लखनऊ की चेयरपर्सन सिमरन साहनी के संबोधन से हुई। उन्होंने तान्या पुरी से जासूसी से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर सवाल पूछे। तान्या ने अपने वास्तविक मामलों के उदाहरणों से जवाब दिए। चर्चा के दौरान जासूसी के कानूनी पहलुओं पर भी विस्तार से बताया। तान्या पुरी ने स्पष्ट किया कि किन परिस्थितियों में जासूसी कानूनी दायरे में आती है और कब यह कानून का उल्लंघन बन जाती है। डिजिटल युग में बढ़ती निजता की चिंताओं पर भी प्रमुखता से बात की गई। सत्र में महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और आवश्यकता पड़ने पर कानूनी सहायता लेने की सलाह दी गई।
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लखनऊ में जासूसी कानून पर हुई खास चर्चा:लेडी डिटेक्टिव्स इंडिया की सीईओ तान्या पुरी ने साझा किए अनुभव