75 जिलों में 'हब एंड स्पोक' मॉडल से बदलेगी शिक्षा:9 से 12वीं तक के छात्रों को मिलेगी इंडस्ट्री 4.0 की ट्रेनिंग, टाटा ग्रुप की 'नेल्को' संभालेगी कमान


उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने सरकारी स्कूलों के बच्चों को भविष्य की आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। शनिवार को माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में समग्र शिक्षा (माध्यमिक) विभाग और टाटा एंटरप्राइज की कंपनी नेल्को लिमिटेड के बीच एक बड़ा समझौता ज्ञापन (MoU) साइन हुआ। इसके तहत प्रदेश के 600 राजकीय माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में अत्याधुनिक ‘ड्रीम लैब्स’ स्थापित की जाएंगी, जहाँ बच्चे अब किताबों के साथ-साथ रोबोट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) बनाना सीखेंगे। क्या हैं ‘ड्रीम लैब्स’ और इनमें बच्चे क्या सीखेंगे? ये ड्रीम लैब्स (डिजाइन, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग) स्कूलों में आधुनिक नवाचार और कौशल विकास केंद्र के रूप में काम करेंगी। इसमें कक्षा 9 से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं को निम्नलिखित एडवांस कोर्सेज का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। आधुनिक तकनीक: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT)। फ्यूचर स्किल्स: 3D प्रिंटिंग, ड्रोन टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक्स और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग। ग्रीन एनर्जी: बैटरी चालित इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV), नवीकरणीय ऊर्जा (रिन्यूएबल एनर्जी) और मॉडर्न एग्रीकल्चर साइंस। ‘हब एंड स्पोक’ मॉडल: तीन चरणों में बिछेगा लैब्स का जाल तकनीकी शिक्षा को हर इलाके तक पहुंचाने के लिए सरकार इस परियोजना को हब एवं स्पोक मॉडल पर लागू कर रही है। इसके तहत पूरे प्रदेश में 150 हब स्कूल और उनके साथ 450 स्पोक स्कूल जोड़े जाएंगे। यह पूरा प्रोजेक्ट तीन फेज में पूरा होगा: प्रथम चरण: 18 हब और 54 स्पोक स्कूल (कुल 72 स्कूल) द्वितीय चरण: 36 हब और 108 स्पोक स्कूल (कुल 144 स्कूल) तृतीय चरण: 96 हब और 288 स्पोक स्कूल (कुल 384 स्कूल) ‘यह उत्तर प्रदेश के युवाओं के भविष्य में निवेश है’ एमओयू साइन होने के दौरान बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने कहा, “तेजी से बदलती औद्योगिक आवश्यकताओं को देखते हुए राज्य के विद्यार्थियों को इंडस्ट्री 4.0 के कौशलों से लैस करना समय की मांग है। यह समझौता केवल एक स्कूल प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि यूपी के भविष्य में बड़ा निवेश है।” वहीं, स्कूल शिक्षा की महानिदेशक मोनिका रानी ने कहा कि यह पहल नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP 2020) और स्किल इंडिया मिशन के अनुरूप है। विशेषकर आकांक्षी (पिछड़े) जनपदों के स्कूलों में इस योजना को प्राथमिकता से लागू किया जाएगा ताकि गरीब बच्चों को भी ग्लोबल लेवल की शिक्षा मिल सके। 5 साल तक टाटा ग्रुप की कंपनी रखेगी ख्याल, ग्लोबल ब्रांड्स भी शामिल यह पार्टनरशिप 5 साल के मॉडल पर आधारित है। नेल्को लिमिटेड और उसके सहयोगी औद्योगिक समूह इन लैब्स के लिए अत्याधुनिक मशीनें, डिजिटल प्लेटफॉर्म, सॉफ्टवेयर और मेंटेनेंस का पूरा खर्च उठाएंगे। इतना ही नहीं, दुनिया की जानी-मानी टेक कंपनियां जैसे यास्कावा, मास्टरकैम, 3डी सिस्टम्स, अज्नालेंस और एसीई माइक्रोमैटिक के इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स खुद सरकारी स्कूलों में आकर बच्चों को ट्रेनिंग देंगे और सरकारी शिक्षकों का भी क्षमता निर्माण (ट्रेनिंग) करेंगे। इस योजना के जमीन पर उतरने के बाद उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों से निकलने वाली नई पीढ़ी सीधे रोजगार और उद्यमिता के वैश्विक अवसरों से जुड़ सकेगी।

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