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प्रतापगढ़ में 52 जमीन खरीदारों द्वारा स्टांप शुल्क में लगभग 10 करोड़ रुपये की हेराफेरी का मामला सामने आया है। प्रशासन ने सभी संबंधित खरीदारों को नोटिस जारी किए हैं। यह खुलासा बीते मई माह में जनपद के पांच उप निबंधक कार्यालयों में हुए जमीन के बैनामों की समीक्षा के दौरान हुआ। मई माह में सदर कचहरी परिसर, कुंडा, रानीगंज, लालगंज और पट्टी स्थित उप निबंधक कार्यालयों में बड़ी संख्या में रजिस्ट्रियां हुई थीं, जिससे रिकॉर्ड राजस्व प्राप्त हुआ था। इसी आय की समीक्षा के दौरान यह अनियमितता उजागर हुई। जांच में सामने आया है कि कई खरीदारों ने कृषि भूमि को कम दर पर दर्शाया, जबकि वास्तविक रूप से वह आवासीय या सड़क किनारे की कीमती जमीन थी। कुछ मामलों में पक्के रास्तों को कच्चा दिखाकर भी स्टांप शुल्क में कमी की गई। इस मामले के खुलासे के बाद प्रशासन ने रानीगंज, पट्टी, सदर, लालगंज और कुंडा क्षेत्रों के सभी 52 जमीन खरीदारों को नोटिस जारी कर दिए हैं। एआईजी स्टांप यदुवेंद्र द्विवेदी ने बताया कि यह विभाग की नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्टांप शुल्क में कमी पाए जाने पर संबंधित पक्षों को बकाया राशि के साथ-साथ खरीद की तारीख से प्रति माह 1.5 प्रतिशत की दर से ब्याज भी जमा करना होगा। प्रशासन अब पूरे मामले की गहन जांच कर रहा है और भविष्य में ऐसी अनियमितताओं को रोकने के लिए सख्त निगरानी प्रणाली लागू करने की तैयारी में है।
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52 जमीन खरीदारों पर स्टांप चोरी का खुलासा:प्रतापगढ़ में10 करोड़ रुपये की कमी मिलने पर नोटिस जारी