48 घंटों में 16 डिग्री तक गिरा मेरठ का तापमान:बारिश के बाद हुई ठंड के साथ कोहरा भी वापस लौटा, आज भी नहीं राहत के आसार


मेरठ में पिछले दो दिनों में मौसम में अचानक आए बदलाव से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया। सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के चलते मार्च की तपती गर्मी अचानक गायब हो गई और लोगों को जनवरी जैसी ठंड का एहसास होने लगा। लगातार बारिश, तेज हवाओं और बादलों ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है।
मार्च की शुरुआत में जहां तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, वहीं पिछले 48 घंटों में हुई बारिश ने मौसम को ठंडा कर दिया। शुक्रवार को अधिकतम तापमान गिरकर 18.4 डिग्री सेल्सियस पर आ गया, जबकि न्यूनतम तापमान 16.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रात के समय घना कोहरा भी देखने को मिला, जिससे मौसम में और ठंडक बढ़ गई। एक ही दिन में गर्मी, बारिश, ठंड और कोहरे जैसे कई रूप देखने से लोग भी हैरान रह गए। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की मौसम वेधशाला के अनुसार, शुक्रवार शाम तक जिले में 16.6 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही ने बताया कि शनिवार को भी आसमान में बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है।
बारिश का सबसे सकारात्मक असर शहर की हवा पर पड़ा है। धूल और प्रदूषण के कण धुल जाने से मेरठ का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 68 दर्ज किया गया, जो संतोषजनक श्रेणी में आता है। लंबे समय बाद साफ हवा मिलने से लोगों ने राहत महसूस की और सांस लेने में ताजगी का अनुभव हुआ।
कृषि क्षेत्र में इस मौसम ने मिला-जुला असर डाला है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. आरएस सेंगर के अनुसार, बढ़ती गर्मी गेहूं और सरसों की फसल के दानों को नुकसान पहुंचा सकती थी, लेकिन बारिश और ठंडक ने फसलों को राहत दी है। यह नमी उत्पादन बढ़ाने में सहायक साबित हो सकती है।
हालांकि, तेज हवाओं और बारिश ने कई किसानों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। कुछ क्षेत्रों में सिंचाई की गई गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई है। आलू की खुदाई का कार्य पूरी तरह ठप हो गया है, वहीं गन्ना कोल्हू का जलावन भीगने से कोल्हू बंद हो गए हैं। तेज हवा के कारण आम के पेड़ों में आए बौर (फूल) टूटकर गिर गए हैं, जिससे बागवानों को भारी नुकसान की आशंका है।

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