360 फीट सुरंग बनाकर 6.70 करोड़ का कच्चा तेल चोरी:गाजियाबाद का कारोबारी जयपुर में दबोचा, पेट्रोलियम पाइपलाइन से 9.58 लाख लीटर क्रूड ऑयल चोरी का खुलासा


राजस्थान एसओजी ने इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) की पाइपलाइन से संगठित तरीके से क्रूड ऑयल चोरी के बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए चोरी के तेल के खरीददार राजीव सिंगल को गिरफ्तार किया है। आरोपी को जयपुर में उस समय दबोचा गया, जब वह अजमेर की ओर जा रहा था। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस, एसओजी विशाल बंसल ने बताया कि जनवरी 2025 में IOCL के सहायक प्रबंधक हेमंत गोयल की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। 10 फीट दीवार, भूमिगत चैम्बर और 360 फीट सुरंग जांच में सामने आया कि आरोपियों ने शाहजहांपुर क्षेत्र के बेलनी रोड पर एक खेत किराये पर लेकर उसके चारों ओर करीब 10 फीट ऊंची बाउंड्री वॉल बनाई। इसके अंदर कमरे और भूमिगत चैम्बर तैयार कर लगभग 360 फीट लंबी सुरंग बनाई गई, जिसके जरिए पाइपलाइन में छेद कर क्रूड ऑयल चोरी किया जाता था। आरोपियों ने निगरानी के लिए CCTV कैमरे और इंटरनेट कनेक्शन भी लगा रखे थे, ताकि गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा सके। दो महीने में 36 टैंकर, 9.58 लाख लीटर तेल चोरी एसओजी जांच के अनुसार 10 नवंबर 2024 से 5 जनवरी 2025 के बीच करीब दो महीने तक यह संगठित चोरी जारी रही। इस दौरान 36 टैंकरों में लगभग 9.58 लाख लीटर क्रूड ऑयल चोरी किया गया। जांच एजेंसियों ने चोरी किए गए तेल की अनुमानित कीमत करीब 6.70 करोड़ रुपये आंकी है। मुख्य सरगना समेत 7 आरोपी पहले गिरफ्तार इस मामले में एसओजी पहले ही मुख्य सरगना सहित 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। पूछताछ में पूरे गिरोह के संचालन और तेल सप्लाई नेटवर्क का खुलासा हुआ। फरार आरोपियों पर एसओजी ने इनाम भी घोषित किया था, जिनमें दिनेश राठी उर्फ अनमोल राठी पर 50 हजार और अर्जुन उर्फ टोनी पर 25 हजार रुपये का इनाम रखा गया था। दिनेश राठी को पहले ही दिल्ली से गिरफ्तार किया जा चुका है। गाजियाबाद का तेल कारोबारी निकला खरीददार गिरफ्तार आरोपी राजीव सिंगल, गाजियाबाद स्थित “श्री गणपति ऑयल ट्रेडर्स” का संचालक है और पिछले करीब 15 वर्षों से तेल कारोबार से जुड़ा बताया जा रहा है। जांच में सामने आया कि आरोपी चोरी का तेल ₹30-35 प्रति लीटर में खरीदता था, जबकि बाजार में इसकी कीमत करीब ₹70 प्रति लीटर है। 15 अप्रैल तक पुलिस रिमांड एसओजी ने आरोपी को अदालत में पेश कर 15 अप्रैल पुलिस रिमांड हासिल किया है। अब उससे पूछताछ कर पूरे नेटवर्क, सप्लाई चैन और अन्य खरीदारों की जानकारी जुटाई जा रही है। मामले के खुलासे में FSL, साइबर टीम और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट्स की अहम भूमिका रही। तकनीकी विश्लेषण, मुखबिर तंत्र और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर एसओजी ने इस संगठित नेटवर्क को बेनकाब किया। पुलिस का कहना है कि पूरे अवैध तेल कारोबार नेटवर्क की गहन जांच अभी जारी है और कई अन्य बड़े नाम सामने आ सकते हैं।

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