![]()
शाहजहांपुर में 35 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किए गए सिपाही विवेक कुमार को बर्खास्त कर दिया गया है। एंटी करप्शन टीम ने सिपाही को जैतीपुर थाने में रंगे हाथ पकड़ा था। बुधवार शाम एसपी सौरभ दीक्षित ने सीओ सिटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की। विवेक को ट्रेनिंग के बाद 24 अप्रैल को ही पहली ज्वाइनिंग मिली थी और वह सिर्फ डेढ़ महीने ही नौकरी कर पाए। यह मामला बरेली के सुभाषनगर निवासी अखिलेंद्र के शव मिलने से जुड़ा है। 21 दिसंबर 2024 को दातागंज मार्ग पर उनका क्षत-विक्षत शव मिला था। अखिलेंद्र के पिता मुनीश शर्मा ने बरेली के आंवला निवासी वीरेंद्र, बदायूं के फैजगंज बेहटा निवासी विजय और अपने रिश्तेदार दातागंज निवासी प्रदीप व सुधांशु पर हत्या का आरोप लगाया था। मई में प्रभारी निरीक्षक अश्वनी कुमार ने इस प्रकरण की पुनर्विवेचना शुरू की। इसी दौरान थाने में तैनात सिपाही विवेक कुमार ने बरेली में रह रहे सुधांशु से संपर्क किया और उनसे 50 हजार रुपये की मांग की। रुपये न देने पर जेल भेजने की धमकी दी गई, जिसके बाद सुधांशु ने एंटी करप्शन टीम से शिकायत की। 11 जून को विवेक ने सुधांशु से थाने में ही 35 हजार रुपये लिए, तभी एंटी करप्शन टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में एसपी सौरभ दीक्षित ने सीओ सिटी पंकज पंत को जांच सौंपी थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर बुधवार को सिपाही को बर्खास्त कर दिया गया। जिस दिन सिपाही को गिरफ्तार किया गया था, उस दिन प्रभारी निरीक्षक अश्वनी कुमार की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर उन्हें भी निलंबित कर दिया गया था। आरोपी सिपाही विवेक कुमार फिलहाल बरेली की जेल में बंद है। बर्खास्त सिपाही विवेक (33) बुलंदशहर के थाना शिकारपुर के गांव शिवनगर धसूरी के रहने वाले हैं। उनकी भर्ती जून 2025 में हुई थी।
Source link
35 हजार रिश्वत लेने वाला सिपाही बर्खास्त:डेढ़ महीने पहले मिली थी पहली ज्वाइनिंग, एसपी ने की कार्रवाई