3 दिन पहले कमाकर लखनऊ लौटा, नाले में डूबकर मौत:तालाब में नहाने उतरा, डूबने लगा तो लोग डंडा पकड़ाते रह गए; बहकर नाले में गया


दिल्ली से कमाकर लखनऊ लौटे एक युवक की नाले में डूबकर मौत हो गई। वह रविवार शाम करीब 6:30 बजे तालाब में नहाने उतरा। जैसे ही डूबने लगा तो चिल्लाया। आसपास से गुजर रहे लोग वहां पहुंचे और उसे डंडा पकड़ाने की कोशिश की। लेकिन, कोई भी कोशिश काम नहीं आई और युवक बहकर नाले में चला गया। घटना रहीमाबाद के बाकीनगर गांव की है। गांव का मुफीस (35) दिल्ली में ई-रिक्शा चलाता था। वहां से 3 दिन पहले ही लौटकर घर आया था। शाम को तालाब की तरफ गया था। रहीमाबाद इंस्पेक्टर अरुण कुमार ने बताया कि मुफीस नशे की हालत में तालाब में नहाने गया था। कुछ देर पहले ही परिजन उसे घर ले गए थे, लेकिन वह दोबारा लौट आया था। 3 तस्वीरें- SDRF ने 1 घंटे तक ढूंढ़ा, गोताखोरों को डेडबॉडी मिली सूचना मिलते ही रहीमाबाद पुलिस टीम घटनास्थल पर रात 8:30 बजे पहुंची। गांव का तालाब बेहता नाले से कनेक्ट है। बारिश की वजह से तालाब का पानी बेहता नाले में जा रहा है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर SDRF को भी बुला लिया। SDRF ने करीब 9:30 बजे तक सर्च अभियान चलाया लेकिन मुफीस का कहीं पता नहीं चला। इसके बाद स्थानीय गोताखोरों को भी बुला लिया गया। करीब 9:10 बजे पहुंचे गोताखोरों ने 20 मिनट में ही मुफीस को ढूंढ़ निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। गोताखोरों की टीम में तेहतना कोलवा गांव के विजय, बुधा, हिलन, जयराम, अभिषेक, मेढ़ई और प्रदीप शामिल थे। नहाने गए थे, लौटते समय हादसा मृतक के भाई पप्पू ने बताया कि घर से नहाने के चक्कर में घर से निकले। नहाने के बाद लौटते समय हादसा हो गया। दिल्ली से परसों ही घर आए थे। दिल्ली में मजदूरी करते और ई-रिक्शा चलाते थे। 15 साल पहले शादी, 7 साल का बेटा मृतक मुफीस की शादी रहीमाबाद की फिरोज से 15 साल पहले हुई थी। दोनों के 7 साल का बेटा फाजिल है। मुफीस परिवार को लेकर दिल्ली में ही रहता है। किसी काम से 25 सितंबर को पत्नी और बच्चे को लेकर गांव आया था। आज उसके साथ हादसा हो गया। गोताखोर बोला- NDRF भी जहां नहीं ढूंढ़ पाती, वहां हम सफल गोताखोर विजय कश्यप ने बताया कि हमारी 10 लोगों की टीम है। यहां बेहता नाले में बारिश का पानी बढ़ा हुआ है। अभी जब सूचना मिली कि कोई युवक डूब गया है। हम इमरजेंसी में अपनी टीम के 6 लोगों को लेकर आनन-फानन में यहां तुरंत आए। आते ही ढूंढ़ निकाला। शव मिला है। NDRF भी जहां नहीं ढूंढ़ पाती, वहां हम लोग सफलतापूर्वक काम कर लेते हैं। करीब 25 साल से गोताखोरी कर रहे हैं।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *