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अयोध्या राम मंदिर के बाद हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध माता चिंतपूर्णी मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए जारी किए जाने वाले ‘सुगम पास’ में कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। मंदिर ट्रस्ट की प्रारंभिक जांच में 19 जुलाई 2026 के 80 ट्रांजैक्शन संदिग्ध पाए गए। इन ट्रांजैक्शनों का पैसा मंदिर ट्रस्ट के खाते में नहीं पहुंचा। इसके बाद मंदिर अधिकारी संजीव कुमार ने चिंतपूर्णी थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार, चिंतपूर्णी मंदिर में श्रद्धालुओं को माई दास सदन से निर्धारित सॉफ्टवेयर के जरिए सुगम पास जारी किए जाते हैं। 19 जुलाई के लेनदेन की जांच के दौरान कई अनियमितताएं सामने आईं। मंदिर ट्रस्ट की जांच में पाया गया कि 80 सुगम पासों में भुगतान का माध्यम QR कोड दर्शाया गया, लेकिन संबंधित राशि मंदिर ट्रस्ट के खाते में जमा नहीं हुई। कई मामलों में ट्रांजैक्शन आईडी और मोबाइल नंबर एक ही दर्ज मिले, जबकि वास्तविक QR कोड भुगतान में ऐसा तकनीकी रूप से संभव नहीं होता। इसी आधार पर इन लेनदेन को संदिग्ध माना गया। बैंक रिकॉर्ड से भी नहीं हुआ मिलान संदिग्ध ट्रांजैक्शनों का पता चलने के बाद मंदिर ट्रस्ट ने संबंधित दिन का बैंक स्टेटमेंट मंगवाकर सॉफ्टवेयर रिकॉर्ड से मिलान किया। दोनों रिकॉर्ड मेल नहीं खाए, जिससे रिकॉर्ड में हेरफेर और धन के संभावित गबन की आशंका और गहरा गई। शिकायत में यह भी आशंका जताई गई है कि शनिवार, रविवार, संक्रांति और नववर्ष जैसे अधिक भीड़ वाले दिनों में भी इसी तरह की अनियमितताएं की गई हों। ट्रांजैक्शन आईडी संदिग्ध, मोबाइल नंबर को ही बनाया गया आईडी: संजीव ट्रस्ट अधिकारी एवं तहसीलदार चिंतपूर्णी संजीव कुमार ने ‘दैनिक भास्कर एप’ से बातचीत में कहा कि शिकायत में जिन ट्रांजैक्शन आईडी और मोबाइल नंबरों का उल्लेख है, वे संदिग्ध प्रतीत होते हैं। प्रारंभिक जांच में कई मामलों में मोबाइल नंबर को ही ट्रांजैक्शन आईडी के रूप में दर्ज पाया गया, जबकि सामान्य डिजिटल भुगतान में ऐसा नहीं होता। उन्होंने कहा कि इन नंबरों का मंदिर ट्रस्ट से कोई संबंध प्रतीत नहीं होता। श्रद्धालु की शिकायत से खुला मामला संजीव कुमार ने बताया कि 19 जुलाई को एक श्रद्धालु ने शिकायत की थी कि उसके नाम पर जारी सुगम पास का इस्तेमाल कोई दूसरा व्यक्ति कर चुका है। इसके बाद उस दिन जारी सभी पासों का रिकॉर्ड खंगाला गया। जांच में 80 संदिग्ध ट्रांजैक्शन सामने आए, जिनकी राशि मंदिर ट्रस्ट के खाते में नहीं मिली। अगस्त 2023 में शुरू हुई थी सुगम पास व्यवस्था काशी विश्वनाथ, उज्जैन महाकाल, तिरुपति और शिरडी साईं मंदिर की तर्ज पर चिंतपूर्णी मंदिर में 8 अगस्त 2023 को सुगम पास व्यवस्था शुरू की गई थी। इसके तहत निर्धारित शुल्क देकर श्रद्धालु कम समय में दर्शन कर सकते हैं। लॉगिन आईडी के दुरुपयोग की आशंका प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि किसी ने मंदिर के सॉफ्टवेयर की लॉगिन आईडी और पासवर्ड का दुरुपयोग कर फर्जी ट्रांजैक्शन दर्ज किए और सुगम पास जारी किए। हालांकि, पुलिस ने अभी इस संबंध में किसी निष्कर्ष की पुष्टि नहीं की है। जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। पुलिस ने शुरू की जांच ऊना के पुलिस अधीक्षक सचिन हिरेमठ ने बताया कि मंदिर प्रशासन की शिकायत पर अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस डिजिटल रिकॉर्ड, बैंक ट्रांजैक्शन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है ताकि मामले में शामिल लोगों की पहचान की जा सके।
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हिमाचल के चिंतपूर्णी मंदिर में सुगम पास में फर्जीवाड़ा:80 संदिग्ध ट्रांजैक्शन मिली, मोबाइल नंबर को ही आईडी बनाया, मंदिर ट्रस्ट की शिकायत पर FIR