हाईकोर्ट ने कहा- बीएसए वानाणसी फैसला लें:शिक्षामित्र को ग्रेच्युटी, भविष्य निधि व पारिवारिक पेंशन पर निर्णय लेने का निर्देश


इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शिक्षामित्र को ग्रेच्युटी, कर्मचारी भविष्य निधि, पारिवारिक पेंशन का लाभ देने की मांग में दाखिल याचिका पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी वाराणसी को छ हफ्ते में नियमानुसार याची को सुनकर सकारण आदेश पारित करने का निर्देश दिया है।
कोर्ट ने याची को नये सिरे से तीन हफ्ते में प्रत्यावेदन देने को कहा है जिसे बी एस ए तय करेंगे । जानिये क्या है पूरा मामला यह आदेश न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने शहनाज बेगम की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है। याचिका पर अधिवक्ता का कहना था कि उत्तर प्रदेश में लगभग कुल 1,70,000 शिक्षामित्र प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत हैं जिन्हें मात्र 10000 रूपये प्रत्येक माह दिया जाता था जो की वर्तमान में 18000 कर दिया गया है। परंतु उनके रिटायरमेंट के उपरांत न तो ग्रेच्युटी और न ही पेंशन दिया जा रहा है।
जबकि ऐसे शिक्षामित्र विगत 25 वर्षों से निरंतर शैक्षणिक कार्य कर रहे हैं। इतना ही नहीं यदि किसी शिक्षा मित्र की सेवा के दौरान मृत्यु हो जाती है तो उनके उत्तराधिकारी एवं परिवार को कोई सहायता नहीं देय है। जबकि पेमेंट आफ ग्रेच्युटी एक्ट व कर्मचारी भविष्य निधि कानून शैक्षणिक संस्थाओं में लागू है एवं संविधान की धारा 39, 42, 43, 47 में भी दैनिक भोगी,संविदा कर्मी एवं अन्य कार्मिको को सामाजिक सुरक्षा देने का दायित्व राज्य का है। जनपद वाराणसी में कार्यरत शिक्षामित्र की 48 वर्ष में मृत्यु हो जाने के कारण उनकी पत्नी ने बेसिक शिक्षा अधिकारी वाराणसी से पारिवारिक पेंशन एवं ग्रेच्युटी भुगतान हेतु निवेदन किया गया परंतु उनके द्वारा कोई निर्णय नहीं लिया गया तो यह याचिका दायर की गई थी।

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