![]()
प्रयागराज में युवक के अपहरण और हत्या के मामले में पुलिस की जांच में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, मोनू को अगवा करने के लिए आरोपियों ने हनी ट्रैप का सहारा लिया था। मुख्य आरोपी नेम कुमार और उसके भतीजे पुनीत ने अपनी ट्रैक्टर एजेंसी में काम करने वाली खुशबू मौर्य को इस साजिश में शामिल किया। नेम के कहने पर खुशबू ने मोनू से पहले रॉन्ग नंबर के बहाने फोन पर बातचीत शुरू की और धीरे-धीरे उसे अपनी बातों में फंसा लिया। घटना वाले दिन खुशबू ने ही फोन कर मोनू को पूरामुफ्ती थाने के पास बुलाया था।
पुलिस के अनुसार, मोनू के वहां पहुंचते ही पहले से घात लगाए बैठे नेम कुमार और पुनीत ने उसे अगवा कर लिया। इसके बाद उसकी हत्या कर शव यमुना नदी में फेंक दिया। पुलिस शव की तलाश में जुटी है। मोबाइल की आखिरी कॉल ने खोला राज
मोनू की तलाश के दौरान पुलिस ने उसके मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिपोर्ट निकलवाई। सीडीआर की जांच में सामने आया कि घटना से पहले उसके मोबाइल पर अंतिम कॉल खुशबू मौर्य की थी। इस कॉल को पुलिस ने जांच की अहम कड़ी माना। पुलिस ने नेम कुमार से पूछताछ की तो उससे खुशबू के बारे में सवाल किए गए। पूछताछ में पता चला कि खुशबू उसी की ट्रैक्टर एजेंसी में काम करती थी। इसके बाद पुलिस ने खुशबू को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की। पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि नेम कुमार के कहने पर ही उसने मोनू को घटना वाले दिन फोन किया था और उसे पूरामुफ्ती थाने के पास बुलाया था। पुलिस ने खुशबू को भी गिरफ्तार कर लिया है। 27 वर्षीय खुशबू मौर्य कौशांबी के संदीपन घाट थाना क्षेत्र के गुलकइयापुर की रहने वाली है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि पूरी साजिश कब और कैसे तैयार की गई थी तथा हत्या की वजह क्या थी। 8 घंटे तक यमुना में चला सर्च ऑपरेशन
इधर बुधवार को मोनू के शव की तलाश में पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने करीब आठ घंटे तक यमुना नदी में सर्च ऑपरेशन चलाया। सुबह करीब 11 बजे से शाम सात बजे तक कौशांबी-चित्रकूट बॉर्डर पर महिला घाट के आसपास नदी में तलाश की गई। टीमों ने नदी में जाल भी डलवाया, लेकिन शव का कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक घटना को 6 दिन बीत चुके हैं। इस समय यमुना में पानी का बहाव काफी तेज है। ऐसे में आशंका है कि शव नदी की धारा में बहकर काफी दूर निकल गया होगा। इसी संभावना को देखते हुए प्रयागराज और कौशांबी में यमुना के किनारे बसे गांवों के आसपास भी पुलिस टीमों से खोजबीन कराई गई है। हालांकि अब तक मोनू का शव बरामद नहीं हो पाया है। पुलिस का कहना है कि शव की तलाश लगातार जारी रहेगी। गुरुवार को फिर शुरू होगी तलाश
एसीपी धूमनगंज रवि कुमार गुप्ता ने बताया कि बुधवार को करीब आठ घंटे तक यमुना में सर्च ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन शव नहीं मिला। गुरुवार को एक बार फिर नए सिरे से तलाश शुरू की जाएगी। पुलिस नदी के संभावित बहाव क्षेत्र और किनारे के गांवों में भी निगरानी कर रही है।
Source link
हनी ट्रैप में फंसाकर कराई युवक की हत्या:मुख्य आरोपी के कहने पर फोन से बढ़ाई करीबी, वारदात वाले दिन फोन कर बुलाया