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सोनभद्र में भाजपा का आंतरिक विवाद अब सोशल मीडिया से निकलकर जमीनी स्तर पर खुलकर सामने आ गया है। जिलाध्यक्ष की कार्यशैली को लेकर पार्टी के भीतर विरोध के स्वर लगातार तेज हो रहे हैं, जिससे संगठन में गहरी दरारें दिखाई देने लगी हैं। बताया जा रहा है कि नई जिला कमेटी के गठन के बाद असंतोष और बढ़ गया है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने खुलकर नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया है कि संगठन के सिद्धांतों और रीति-नीति की अनदेखी कर मनमाने ढंग से पदों का बंटवारा किया गया है।
इसी मुद्दे को लेकर गुरुवार को रॉबर्ट्सगंज स्थित बरैला महादेव मंदिर प्रांगण में गौरी शंकर मंडल की बैठक आयोजित की गई। बैठक में भाजपा किसान मोर्चा के महामंत्री नार सिंह पटेल और पिछड़ा मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष महेंद्र सिंह पटेल मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। बैठक के दौरान वरिष्ठ नेताओं की उपेक्षा, संगठन में पक्षपात और मनमानी को लेकर जमकर नाराजगी जताई गई। भाजपा किसान मोर्चा के महामंत्री नार सिंह पटेल ने कहा कि जिलाध्यक्ष की कार्यशैली पार्टी की मूल भावना के विपरीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि नियमों और सिद्धांतों को दरकिनार कर पदों का वितरण किया जा रहा है, जिससे कार्यकर्ताओं का मनोबल गिर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोगों को एक साथ कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां देना गलत है और इससे समर्पित कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय हो रहा है। साथ ही आरोप लगाया कि बाहर से आए लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि लंबे समय से जुड़े कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है। नार सिंह पटेल ने चेतावनी दी कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो इसका असर आगामी विधानसभा चुनाव में देखने को मिल सकता है और संगठन को नुकसान उठाना पड़ सकता है। वहीं, पिछड़ा मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष महेंद्र सिंह पटेल ने भी जिलाध्यक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि “कार्यकर्ता पार्टी की रीढ़ होता है, लेकिन वही आज सबसे ज्यादा उपेक्षित महसूस कर रहा है।” इस पूरे घटनाक्रम के बाद जिले की राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और आने वाले दिनों में पार्टी के भीतर इस विवाद के और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
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