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अलीगढ़ के रेलवे रोड पर शनिवार दोपहर पानी की पाइप लाइन सही करते हुए गड्ढे में दबे मजदूर महेंद्र की मौत सिर में चोट और फेफड़ा फटने से हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भारी वस्तु से चोट और पसलियां टूटने की बात सामने आई है। ऐसे में अंदेशा जताया जा रहा है कि गहरे गड्ढे में ढाय खिसकने से दबे महेंद्र को बचाने के लिए चलाए गए बुलडोजर के पंजे से उसको चोट लगी है। उधर, इस मामले में महेंद्र के परिजन थाना बन्नादेवी पहुंचे। उन्होंने जेई पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराने के लिए तहरीर सौंपी है। परिजन का आरोप है कि जेई ने जबरन महेंद्र को गड्ढे में उतारा था। इसके लिए कोई भी सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया था। सिर से टकराया बुलडोजर का बकेट थाना बन्नादेवी के रेलवे रोड पर सीवर लाइन डालने के कारण पानी की पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। इससे घरों में पानी की सप्लाई बाधित हो गई थी। पाइप लाइन को सही करने के लिए नगर निगम के जलकल विभाग की देखरेख में पाइप लाइन को सही कराया जा रहा था। इसके लिए करीब 14 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया था। शनिवार को कुछ मजदूर गड्ढे में काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक ढाय खिसक गई। इसमें जवां निवासी महेंद्र (32) दब गया। इससे वहां हड़कंप मच गया। मौके पर मौजूद बुलडोजर की मदद से महेंद्र को निकालने का काम शुरू हुआ। इसका सीसीटीवी एक फुटेज भी वायरल हो रहा है। फुटेज में देखा जा सकता है कि बुलडोजर के बकेट की मदद से महेंद्र को मलबे से निकाला गया। इसके बाद अन्य मजदूर उसे गड्ढे से बाहर खींचते हुए देखे जा रहे हैं। इस दौरान महेंद्र के सिर से लगातार खून बहता हुआ नजर आ रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद अंदेशा जताया जा रहा है कि बुलडोजर के बकेट से ही सिर की हड्डी और पसलियां टूटी हैं। पसलियां टूटने से फेफड़ा फट गया। इससे अधिक रक्तश्राव होने के कारण महेंद्र की मौत हो गई। विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ गीली मिट्टी गिरने से सिर की हड्डी नहीं टूट सकती है। इस संबंध में सीओ द्वितीय धनंजय सिंह का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में चोट और फेफड़ा फटने से मौत की पुष्टि हुई है। इस मामले की जांच की जा रही है कि सिर में चोट कैसे लगी है। मिट्टी रोकने के लिए नहीं लगाई थी शटरिंग थाना जवां के गांव अकनगला दबथला निवासी मृतक की मां शारदा देवी ने जेई के खिलाफ बन्नादेवी थाने में तहरीर दी है। उनका आरोप है कि मजदूरों के मना करने के बाद भी उन्हें बिना सुरक्षा मानकों के गड्ढे में उतारा गया। आरोप लगाया कि वहां पर मिट्टी रोकने के लिए कोई शटरिंग भी नहीं की गई थी। इसके अलावा मजदूरों के पास हेलमेट भी नहीं था। आरोप लगाया कि आनन-फानन में जेसीबी चलवाई गई, जिसके बकेट ने महेंद्र को गंभीर रूप से घायल कर दिया। जांच में दोषी पर होगी कार्रवाई इस संबंध में नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा का कहना है कि निर्देश जा चुके हैं कि बिना सुरक्षा उपकरणों के किसी से काम नहीं कराया जाएगा। इस घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर दी है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद जो भी दोषी होगा, कार्रवाई की जाएगी।
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सिर में चोट और फेफड़ा फटने से हुई मौत:अलीगढ़ में गड्ढे में दबे मजदूर को बुलडोजर के पंजे से लगी चोट, जेई के खिलाफ तहरीर