सिद्धार्थनगर कलेक्ट्रेट में शान से लहराया तिरंगा:विद्यार्थियों ने गीतों से जगाया देशप्रेम, अधिकारियों-कर्मचारियों ने लिया संकल्प


सिद्धार्थनगर कलेक्ट्रेट परिसर में शनिवार सुबह स्वतंत्रता दिवस समारोह उत्साह और देशभक्ति के माहौल में आयोजित किया गया। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने ध्वजारोहण कर तिरंगे को सलामी दी। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान के साथ हुई। समारोह में एडीएम प्रशासन, एडीएम न्यायिक, कलेक्ट्रेट के अधिकारी-कर्मचारी और सूचना विभाग के अधिकारी-कर्मचारी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और विकास के लिए अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करने का संकल्प लिया। विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए देशभक्ति गीत सुबह 8:15 बजे कलेक्ट्रेट सभागार में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर गोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम की शुरुआत विद्या मंदिर के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय भक्ति गीतों की प्रस्तुति से की। बच्चों ने गीतों के माध्यम से देशप्रेम, राष्ट्रीय एकता और आजादी के लिए बलिदान देने वाले वीरों को याद किया। विद्यार्थियों ने एक के बाद एक देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए। उनकी प्रस्तुतियों पर सभागार में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने तालियां बजाकर उत्साह बढ़ाया। स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को किया याद गोष्ठी में स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास और देश को आजादी दिलाने वाले स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि भारत की आजादी असंख्य लोगों के संघर्ष, त्याग और बलिदान का परिणाम है। आजादी को बनाए रखना और देश की एकता-अखंडता को मजबूत करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। डीएम बोले- ईमानदारी से करें जनता की सेवा डीएम शिवशरणप्पा जीएन ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें अधिकारों के साथ अपने कर्तव्यों की भी याद दिलाता है। उन्होंने सरकारी व्यवस्था से जुड़े प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी से पूरी ईमानदारी के साथ जनता की सेवा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आमजन की समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण और पात्र लोगों तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है। एडीएम समेत पूरा स्टाफ रहा मौजूद समारोह में एडीएम प्रशासन और एडीएम न्यायिक समेत कलेक्ट्रेट के विभिन्न पटल से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। सभागार के कर्मचारी और सूचना विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए। अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीरों को नमन किया। उन्होंने कहा कि आजादी की भावना को केवल एक दिन तक सीमित रखने के बजाय इसे अपने कार्य और व्यवहार में उतारना जरूरी है। सभागार में जारी रहा कार्यक्रम सुबह 8:50 बजे तक कलेक्ट्रेट सभागार में स्वतंत्रता दिवस की गोष्ठी और सांस्कृतिक कार्यक्रम जारी रहे। देशभक्ति गीतों के बाद स्वतंत्रता दिवस के महत्व और राष्ट्र निर्माण में नागरिकों की भूमिका पर विचार रखे गए। कलेक्ट्रेट परिसर से लेकर सभागार तक पूरे कार्यक्रम में देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव का माहौल बना रहा।

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