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बुलंदशहर सिकंदराबाद में भूमाफियाओं द्वारा निबंधन कार्यालय की मिलीभगत से दलितों की जमीन धोखाधड़ी से बेचने का मामला सामने आया है। इन मामलों में दलितों की जाति छिपाकर उनकी जमीनें सामान्य वर्ग के लोगों को बेची जा रही हैं, जिससे वे भूमिहीन हो रहे हैं। इस धोखाधड़ी का खुलासा होने के बाद जिला प्रशासन में सक्रियता बढ़ गई है। अपर जिलाधिकारी राजस्व अभिषेक कुमार सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने एसडीएम सिकंदराबाद दीपक पाल को जांच सौंपी है और एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट मांगी है। इस एक मामले के सामने आने के बाद, सिकंदराबाद में दलितों की जमीन से जुड़े ऐसे कई अन्य प्रकरण भी जांच के दायरे में आ गए हैं। इन सभी मामलों की विस्तृत जांच कराई जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उप निबंधक कार्यालय सिकंदराबाद की भूमिका इस पूरे फर्जीवाड़े में संदिग्ध है। जांच में सामने आया है कि भूमाफिया एक संगठित नेटवर्क के तहत दलितों को आवंटित पट्टे की जमीन और अन्य पत्रक जमीनों का बैनामा सामान्य वर्ग के लोगों को कर रहे हैं। इन बैनामा पत्रों से दलितों की जाति का उल्लेख जानबूझकर हटाया गया है, जो उप निबंधक कार्यालय की मिलीभगत की ओर इशारा करता है। अपर जिलाधिकारी राजस्व अभिषेक कुमार सिंह ने बताया कि यदि जांच में यह शिकायत सही पाई जाती है, तो धोखाधड़ी से बेची गई ऐसी सभी जमीनों को राज्य सरकार में शामिल कर लिया जाएगा। साथ ही, दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम सिकंदराबाद दीपक पाल को सात दिनों के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
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सिकंदराबाद में दलितों की जमीन धोखाधड़ी से बेची:एसडीएम को दी गई जान, एक सप्ताह के अंदर रिपोर्ट मांगी