सात साल पुराने रेप-पॉक्सो केस में फैसला:आरोपी विनय गौतम को 20 साल के कठोर कारावास की सजा


मेरठ की विशेष पॉक्सो अदालत ने सात साल पुराने दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के एक मामले में आरोपी विनय गौतम को दोषी करार दिया है। अदालत ने उसे 20 वर्ष के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। यह फैसला उत्तर प्रदेश पुलिस के ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ अभियान के तहत प्रभावी पैरवी का परिणाम माना जा रहा है। पुलिस के अनुसार, यह मामला 11 अगस्त 2019 का है। बिहार के गोपालगंज निवासी एक व्यक्ति ने, जो उस समय मेरठ के परतापुर क्षेत्र में रह रहे थे, अपनी नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म की शिकायत थाना खरखौदा में दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर ग्राम काजीपुर निवासी विनय गौतम के खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचक मुकेश कुमार ने इस मामले में साक्ष्य एकत्र किए और 27 अगस्त 2019 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। इसके बाद मामले की लगातार निगरानी की गई। ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ अभियान के तहत थाना खरखौदा पुलिस, मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन विभाग ने अदालत में प्रभावी ढंग से पैरवी की। इसी प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप, बृहस्पतिवार को पॉक्सो-II कोर्ट ने आरोपी विनय गौतम को दोषी ठहराया। कोर्ट ने उसे 20 साल के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। इस फैसले को नाबालिगों के खिलाफ अपराधों में न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस मुकदमे में प्रभारी निरीक्षक समय पाल सिंह, कोर्ट पैरोकार हेड कांस्टेबल हरि सिंह, कोर्ट मोहर्रिर महिला हेड कांस्टेबल सोनिया पुंडीर तथा अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी ज्योति कपूर और एडीजीसी कुलदीप मोहन ने प्रभावी पैरवी की। उनकी मेहनत से अभियोजन पक्ष आरोपी का अपराध साबित कराने में सफल रहा।

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