सहारनपुर में 5 साल बाद भाई की हत्या की आशंका:रिटायर्ड कर्नल बोले–अंतिम संस्कार से पहले नहीं कराया गया पोस्टमार्टम, मिल रही जान से मारने की धमकी


सहारनपुर में बेहट क्षेत्र के गांव मांदौरा में पांच साल पहले हुई एक व्यक्ति की संदिग्ध मौत का मामला अब पुलिस तक पहुंचा है। मृतक के भाई कर्नल (सेवानिवृत्त) गजराज सिंह ने अपने भाई कुलदीप सिंह की मौत को संदिग्ध बताते हुए उसकी पत्नी, बेटी और बेटे के खिलाफ एसएसपी से शिकायत की है। आरोप है कि 23 अगस्त 2021 को कुलदीप सिंह की मौत के बाद परिवार के लोगों ने इसे आत्महत्या बताया, लेकिन पुलिस को सूचना दिए बिना ही अंतिम संस्कार कर दिया। पोस्टमार्टम भी नहीं कराया गया। शिकायतकर्ता ने मृत्यु प्रमाण पत्र में मौत का कारण प्राकृतिक दर्शाकर सरकारी लाभ और संपत्ति के हस्तांतरण का लाभ लेने का आरोप भी लगाया है। इस मामले में 12 अक्टूबर की देर रात को मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस को सूचना दिए बिना अंतिम संस्कार करने का आरोप रिटायर्ड कर्नल गजराज सिंह के अनुसार, उनके भाई राणा कुलदीप सिंह की उम्र करीब 49 वर्ष थी। वह गांव मांदौरा में अपने पिता स्वर्गीय कदम सिंह के आवास पर रहते थे। 23 अगस्त 2021 को उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि कुलदीप सिंह की पत्नी सुमन, बेटी आशु और बेटे भानु प्रताप सिंह ने इस मौत की सूचना स्थानीय पुलिस को नहीं दी। उन्होंने कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना जल्दबाजी में शव का अंतिम संस्कार कर दिया। गजराज सिंह ने आशंका जताई है कि पोस्टमार्टम नहीं कराए जाने से मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जरूरी साक्ष्य नष्ट हो गए। उनका आरोप है कि परिवार के सदस्यों ने जानबूझकर ऐसा किया, ताकि मौत की असली वजह सामने न आ सके। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। मृत्यु प्रमाण पत्र में प्राकृतिक मौत दर्शाने का आरोप शिकायत में मृत्यु प्रमाण पत्र को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। कर्नल गजराज सिंह का आरोप है कि उनके भाई की मौत का कारण प्राकृतिक दर्शाते हुए मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाया गया। इसके जरिए मौत की वास्तविक परिस्थितियों को छिपाने और सरकारी लाभ लेने के साथ संपत्ति का हस्तांतरण कराने का प्रयास किया गया। शिकायतकर्ता ने इस प्रमाण पत्र को गलत तरीके से हासिल किया गया बताते हुए इसकी जांच कराने की मांग की है। उन्होंने पुलिस से यह पता लगाने की मांग की है कि मृत्यु प्रमाण पत्र किन तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर जारी किया गया था। शिकायत वापस लेने के लिए जान से मारने की धमकी का आरोप कर्नल गजराज सिंह का कहना है कि उन्होंने इस मामले में पहले थाना प्रभारी से मुकदमा दर्ज करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। इसके बाद से ही परिवार के कुछ सदस्य उन पर शिकायत वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। आरोप है कि उन्हें लगातार गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी जा रही है। शिकायत के अनुसार, 19 मार्च 2026 को जब गजराज सिंह अपने खेत में थे, तब सुमन, भानु प्रताप सिंह की पत्नी रागी और चार अन्य व्यक्तियों ने उन्हें घेरकर जान से मारने की धमकी दी। आरोप है कि धमकी देने वालों ने कहा कि शिकायत वापस नहीं लेने पर उन्हें खेत में ही मारकर दफना दिया जाएगा। साथ ही घर नहीं आने की चेतावनी देते हुए कहा गया कि कहीं उनके साथ भी कुलदीप सिंह जैसा हादसा न हो जाए। एसएसपी से निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग कर्नल गजराज सिंह ने 7 अक्टूबर को सहारनपुर में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को शिकायत देकर मामले में मुकदमा दर्ज करने और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने अपने भाई की संदिग्ध मौत, बिना पोस्टमार्टम अंतिम संस्कार किए जाने, मृत्यु प्रमाण पत्र में कथित गड़बड़ी और साक्ष्य मिटाने के आरोपों की जांच कराने की मांग की है।

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