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सहारनपुर में पथिक जनशक्ति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी वीरेंद्र सिंह गुर्जर ने आरोप लगाया कि शुक्रवार को पुलिस ने उन्हें उनके कार्यालय पर नजरबंद कर दिया। उनका कहना है कि वह NEET पेपर लीक मामले में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देने जा रहे थे, लेकिन प्रशासन ने उन्हें कार्यालय से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी। दोपहर करीब दो बजे एसडीएम सदर सुबोध कुमार उनके कार्यालय पहुंचे। इस दौरान चौधरी वीरेंद्र गुर्जर ने राष्ट्रपति के नाम तैयार ज्ञापन एसडीएम को सौंप दिया। ज्ञापन में NEET पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार से कई मांगें की गई हैं। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग चौधरी वीरेंद्र गुर्जर ने कहा कि परीक्षा प्रणाली में हुई गंभीर चूक से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। ज्ञापन में पेपर लीक और उससे जुड़े मानसिक तनाव के कारण जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की मांग भी की गई है। साथ ही मामले की उच्चस्तरीय जांच कर जिम्मेदार लोगों को कठोर दंड देने की बात कही गई। छात्र मार्च पर कार्रवाई की जांच की भी मांग पार्टी ने दिल्ली के जंतर-मंतर से संसद तक निकाले गए छात्र मार्च के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग की। चौधरी वीरेंद्र गुर्जर ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने जा रहे लोगों को नजरबंद करना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने कहा कि यदि छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो पार्टी आगे भी शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलन जारी रखेगी। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष इकराम विधुड़ी, राष्ट्रीय सलाहकार सुशील कुमार गुप्ता समेत पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। ज्ञापन की एक प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी भेजी गई है।
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सहारनपुर में पथिक जनशक्ति पार्टी अध्यक्ष नजरबंद:बोले- NEET पेपर लीक पर शिक्षा मंत्री दें इस्तीफा, SDM को ज्ञापन सौंपा