![]()
सहारनपुर के नानौता में सोमवार रात को एक अनोखी कांवड़ यात्रा लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। गंगोह के सागाठेड़ा गांव निवासी परिवार हरिद्वार से ऐसी कांवड़ लेकर पहुंचा, जिसमें एक पलड़े में 95 वर्षीय दादाजी फूलसिंह बैठे थे, जबकि दूसरे पलड़े में उनके वजन के बराबर 45 लीटर गंगाजल रखा गया था। कांवड़ यात्रा के नानौता पहुंचने पर लोगों ने जगह-जगह स्वागत किया। देर रात करीब 10:30 बजे कांवड़ यात्रा अगले पड़ाव के लिए रवाना हो गई। तराजू जैसी संरचना में दादाजी को बैठाया विशेष कांवड़ पोत्र अनुज कुमार, नीटू कुमार, अंकुश कुमार, सागर कुमार और अमन कुमार ने तैयार की है। इसमें तराजू जैसी संरचना बनाई गई है। एक पलड़े में फूलसिंह को बैठाया गया, जबकि दूसरे पलड़े में उनके वजन के बराबर 45 लीटर गंगाजल रखा गया। दूसरी बार पोते लेकर जा रहे कांवड़ फूलसिंह ने बताया कि यह दूसरी बार है जब उनके पोते उन्हें कांवड़ के साथ लेकर जा रहे हैं। उन्होंने इस यात्रा पर खुशी जताई। परिवार के अनुसार, कांवड़ की यह परंपरा उन्हें श्रवण कुमार की कथा की याद दिलाती है। नानौता में जगह-जगह हुआ स्वागत कांवड़ यात्रा के नानौता नगर पहुंचने पर लोगों ने पुष्पमाला और पटका पहनाकर कांवड़ियों का स्वागत किया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग विशेष कांवड़ देखने के लिए पहुंचे। पूर्व प्रधान बिजेंद्र सिंह त्यागी टीटू के नेतृत्व में मास्टर नेत्रपाल, नरेश शर्मा, मुकेश बंसल, घसीटू धीमान, सिद्धार्थ त्यागी, अभय राणा, राकेश वर्मा, सुरेंद्र वर्मा, अजय वर्मा, डिम्पल वर्मा, विजेंद्र रोहिला, आशीष जैन, सुशील रोहिला, देवेंद्र सिंह और सोमपाल सैनी सहित कई लोगों ने कांवड़ियों का अभिनंदन किया। देर रात करीब 10:30 बजे कांवड़ यात्रा नानौता से अपने अगले पड़ाव के लिए रवाना हो गई।
Source link
सहारनपुर में अनोखी कांवड़ यात्रा:95 साल के दादाजी को तराजू में बैठाकर ला रहे पोते, बराबर वजन का गंगाजल