सरयू का जलस्तर 20-सेमी घटा, लेकिन कटान ने बढ़ाई चिंता:सरहरा पुरवे से घरों की दूरी सिर्फ 50 मीटर, आजमगढ़-दोहरीघाट मार्ग पर भी खतरा


मऊ के दोहरीघाट में सरयू नदी का जलस्तर घटने के बाद तटवर्ती इलाकों में कटान तेज हो गई है। नईबाजार के सरहरा पुरवे के सामने नदी तेजी से जमीन काटते हुए आबादी की ओर बढ़ रही है। अब नदी की धारा और घरों के बीच महज 50 मीटर की दूरी बची है। पिछले दो दिनों में करीब पांच बीघा कृषि योग्य भूमि नदी में समा चुकी है। जलस्तर घटने से बाढ़ का खतरा भले ही कम हुआ है, लेकिन कटान ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि कटान इसी रफ्तार से जारी रही तो जल्द ही नदी आबादी के घरों तक पहुंच सकती है। उनका आरोप है कि कटान शुरू होने के बावजूद बाढ़ खंड आजमगढ़ का कोई कर्मचारी अब तक मौके पर निरीक्षण करने नहीं पहुंचा है। गुरुवार को सरयू का जलस्तर 69.80 मीटर था, जो शुक्रवार को 10 सेंटीमीटर घटकर 69.70 मीटर पर पहुंच गया। नदी खतरे के निशान 69.90 मीटर से 20 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। इसके बावजूद नदी की धारा कई स्थानों पर तटों पर दबाव बना रही है। धनौली रामपुर, आजमगढ़-दोहरीघाट राजमार्ग और मुक्तिधाम शवदाह स्थल व भारत माता मंदिर के पास बनाए गए ठोकरों पर भी कटान का खतरा बना हुआ है। सरहरा पुरवे के सामने दो दिन में पांच बीघा जमीन कटी नईबाजार के सरहरा पुरवे के सामने पिछले दो दिनों में करीब पांच बीघा कृषि योग्य भूमि सरयू की धारा में समा चुकी है। कटान करती नदी अब गांव और बंधे की ओर बढ़ रही है। सरहरा पुरवे और नदी के बीच करीब 50 मीटर की दूरी रह गई है। इससे ग्रामीणों को घरों तक पानी पहुंचने की आशंका सताने लगी है। धनौली रामपुर में पहले 10 ठोकर नदी में समा चुके सरयू अब धनौली रामपुर के सामने भी दबाव बना रही है। पानी के तेज बहाव के कारण यहां कटान का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों के मुताबिक, रामपुर धनौली के सामने पहले भी 10 ठोकर नदी में समा चुके हैं। ऐसे में सिंचाई विभाग धनौली रामपुर की तरफ हो रही कटान को लेकर सतर्क है। राजमार्ग से 100 मीटर दूर बह रही नदी की धारा आजमगढ़-दोहरीघाट राजमार्ग से सरयू की धारा करीब 100 मीटर की दूरी पर बह रही है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर यहां तेजी से कटान हुई तो राजमार्ग पर भी संकट खड़ा हो सकता है। दूसरी तरफ मुक्तिधाम शवदाह स्थल और भारत माता मंदिर के सामने बने ठोकरों से भी नदी की धारा टकरा रही है। इससे इन दोनों स्थानों पर कटान का खतरा बना हुआ है। बाढ़ खंड आजमगढ़ के निरीक्षण नहीं करने से ग्रामीण नाराज कटान प्रभावित ग्रामीणों का आरोप है कि सरहरा क्षेत्र बाढ़ खंड आजमगढ़ के अधीन आता है। उनका कहना है कि कटान रोकने या मौके का निरीक्षण करने के लिए अब तक बाढ़ खंड आजमगढ़ का कोई कर्मचारी नहीं पहुंचा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से कटान रोकने के लिए स्थायी समाधान की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते बचाव कार्य नहीं हुआ तो नदी आबादी की ओर बढ़ सकती है।

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