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बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव के चवन्नी वाले बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। सपा प्रमुख द्वारा राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) नेतृत्व को लेकर दिए गए विवादित बयान पर मायावती ने कहा ये अति-अहंकारी, अमर्यादित और अलोकतांत्रिक आचरण का सबूत है। जाट समाज से माफी मांगें अखिलेश मायावती ने कहा कि सपा प्रमुख का अपने पूर्व सहयोगी दल के नेता के लिए यह कहना कि ‘हमने इनको चवन्नी से रुपया बना दिया’ पूरी तरह से अशोभनीय है। उन्होंने मांग की कि अखिलेश यादव को न केवल उस पार्टी और उनके नेता से, बल्कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह जी के परिवार का अपमान करने के लिए पूरे जाट समाज से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए। सपा की संकीर्ण और जातिवादी राजनीति से भाजपा को फायदा बसपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि देश की राजनीति में सपा का चाल, चरित्र और चेहरा हमेशा से अपने विरोधियों ही नहीं बल्कि सहयोगियों के लिए भी संकीर्णता और जातिवादी द्वेष से ग्रस्त रहा है। सपा के इसी अविश्वसनीय रवैये के कारण राजनीतिक और चुनावी लाभ अक्सर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को मिलता है, जिससे धर्मनिरपेक्ष ताकतें कमजोर होती हैं। 1993 का गठबंधन और गेस्ट हाउस कांड का जिक्र सपा के अहंकारी स्वभाव पर हमला बोलते हुए मायावती ने गेस्ट हाउस कांड का भी जिक्र किया। कहा 1993 में मुलायम सिंह यादव के साथ बना सपा-बसपा गठबंधन इसी रवैये के कारण टूटा। इसके बाद 2 जून 1995 को लखनऊ स्टेट गेस्ट हाउस कांड हुआ, जो उनकी हत्या की साजिश थी। फिर 2019 के लोकसभा चुनाव में अखिलेश यादव द्वारा पुरानी गलतियां न दोहराने का आश्वासन देने पर गठबंधन हुआ था। लेकिन चुनावी नतीजे अनुकूल न आने पर सपा के अहंकारी और स्वार्थी रवैये के कारण यह फिर टूट गया। ‘काम निकलते ही गिरगिट की तरह रंग बदलती है सपा’ मायावती ने स्पष्ट किया कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के आत्म-सम्मान के कारवां वाली बसपा ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ के सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं कर सकती। सपा केवल अपना काम निकालना जानती है और काम पूरा होते ही गिरगिट की तरह रंग बदलकर अनाप-शनाप बयानबाजी शुरू कर देती है। PDA का असली चेहरा, पिछड़े, मुस्लिम और ब्राह्मणों का शोषण अखिलेश यादव के PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) नारे पर हमला बोलते हुए मायावती ने कहा कि सपा प्रमुख अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए ‘P’ का मतलब बदलते रहते हैं। असलियत यह है कि सपा में अपनी विशेष जाति को छोड़कर बाकी पिछड़े वर्गों, अल्पसंख्यकों और अपरकास्ट (विशेषकर ब्राह्मण समाज) का हमेशा उत्पीड़न और शोषण हुआ है। ‘सपा शासन में केवल गुंडों-माफियाओं का भला हुआ मायावती ने कहा कि सपा की पूर्ववर्ती सरकारों में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त थी। शाम ढलने के बाद बहन-बेटियाँ घर से बाहर निकलने में डरती थीं और केवल गुंडों, बदमाशों व माफियाओं का राज चलता था। उन्होंने जनता से अपील की कि आगामी यूपी विधानसभा चुनाव में सपा को किसी भी कीमत पर सत्ता में न आने दें।
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सपा का चाल, चरित्र और चेहरा धोखेबाज़:मायावती बोलीं– चवन्नी वाले बयान पर अखिलेश जाट समाज से तुरंत मांगें माफी