सड़कों पर अनावश्यक बैरिकेडिंग ने करें:स्मार्ट रोड निर्माण पर बोले मेयर और मंडलायुक्त, गणेश चौक का ट्रैफिक डायवर्जन भी हटा


गोरखपुर शहर में इन दिनों कई जगहों पर निर्माण कार्य चल रहा है। गोलघर क्षेत्र में भी सीएम ग्रिड सड़क योजना के तहत स्मार्ट रोड और नाले का निर्माण किया जा रहा है। निर्माण कार्य की वजह से ट्रैफिक प्रभावित है। मेयर और मंडलायुक्त ने किया निरीक्षण गोरखपुर के मेयर डा० मंगलेश श्रीवास्तव और मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने गोलघर क्षेत्र में चल रहे सौंदर्यीकरण, स्मार्ट रोड और नाले निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिया कि निर्माण कार्य सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए जल्द पूरा किया जाए। अधिकारियों ने यह भी कहा कि सड़कों पर अनावश्यक बैरिकेडिंग न की जाए, ताकि लोगों को आवाजाही में दिक्कत न हो। साथ ही दुर्गाबाड़ी क्षेत्र में चल रहे नाले निर्माण और साफ-सफाई के कार्यों को भी तेजी से पूरा कराने के निर्देश दिए गए। इसी बीच ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लागू किया गया गणेश चौक और गोलघर का डायवर्जन ट्रायल फिलहाल हटा दिया गया है। अब लोगों को पहले की तरह आने-जाने की अनुमति दे दी गई है। लागू हुआ था ट्रायल डायवर्जन दरअसल, गोरखपुर ट्रैफिक पुलिस ने 8 मई से गोलघर और गणेश चौक क्षेत्र में जाम कम करने के उद्देश्य से एक ट्रायल डायवर्जन व्यवस्था लागू की थी। इस व्यवस्था के तहत सिटी मॉल की तरफ से आने वाली वे गाड़ियां, जिन्हें विजय चौक की तरफ जाना होता था, उन्हें सीधे जाने की बजाय गोलघर की तरफ से यू-टर्न लेकर भेजा जा रहा था। वहीं गोलघर की तरफ से आने वाले वाहन, जिन्हें गणेश चौक की तरफ मुड़ना होता था, उन्हें काली मंदिर के पास से यू-टर्न लेकर भेजा जा रहा था। लेकिन इस नई व्यवस्था से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था और कई स्थानों पर अतिरिक्त दबाव बन रहा था। इसके बाद 10 मई की दोपहर से यह डायवर्जन हटा दिया गया और यातायात व्यवस्था फिर पहले जैसी कर दी गई। एसपी ट्रैफिक बोले- डायवर्जन बाद में करेंगे लागू इस पूरे मामले में दैनिक भास्कर से बातचीत करते हुए एसपी ट्रैफिक अमित कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि गोलघर के कई हिस्सों में सीएम ग्रिड सड़क योजना के तहत स्मार्ट रोड का निर्माण कार्य चल रहा है। इसके कारण पहले से ही ट्रैफिक पर दबाव बना हुआ है। ऐसे में गणेश चौक डायवर्जन लागू होने से यातायात पर और अधिक दबाव बढ़ रहा था। फिलहाल इस व्यवस्था को हटाया जा रहा है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद दोबारा डायवर्जन व्यवस्था पर विचार किया जाएगा। मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने निर्माण एजेंसियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि नाले निर्माण के दौरान विशेष सावधानी बरती जाए। रात के समय निर्माण स्थलों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, रिफ्लेक्टर और उचित बैरिकेडिंग सुनिश्चित की जाए। यदि किसी प्रकार की दुर्घटना होती है तो संबंधित विभाग उसकी जिम्मेदारी उठाएगा।

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